कालेधन के खिलाफ भारत और स्विटजरलैंड साथ

इस ख़बर को शेयर करें:

पीएम मोदी ने स्विटजरलैंड की राष्ट्रपति के साथ की द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। पीएम ने एमटीसीआर और एनएसजी की सदस्यता के मसले पर सहयोग के लिए स्विटजरलैंड की राष्ट्रपति का शुक्रिया किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि वित्तीय लेन-देन में सबसे बडी चुनौती पारदर्शिता है और इस मसले पर स्विटजरलैंड से सहयोग जारी है। स्विटजरलैंड की राष्ट्रपति डोरिस लिउथर्ड से मुलाकात के बाद एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लिउथर्ड की ये यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने में मददगार होगी। दोनों देशों के बीच रेलवे के क्षेत्र में दो समझौते भी हुए।

प्रधानमंत्री ने एमटीसीआर की सदस्यता के मसले पर भारत समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया। तो एनएसजी के मसले पर भी भारत का निरंतर सहयोग करते रहने के लिए आभार व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने मुक्त व्यापार पर भी चर्चा की और कहा कि द्विपक्षीय निवेश संधि पर बातचीत जारी है। स्विट्जरलैंड भारत का सातवां सबसे बड़ा व्यापार साझेदार और भारत के लिए 11वां सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है।

दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विटजरलैंड की राष्ट्रपति डोरिस लिउथर्ड के बीच हुई मुलाकात में न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई बल्कि अंतरराष्ट्रीय मसलों और निरस्त्रीकरण तथा जलवायु परिवर्तन पर मिलकर काम करने पर सहमति बनी।

प्रधानमंत्री ने वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता को बडी चुनौती बताते हुए कहा कि इस मसले पर स्विटजरलैंड से सहयोग जारी है। कालेधन से निपटने के लिए दोनों देशों ने इस बारे में सूचनाओं को साझा करने पर एक घोषणापत्र पर दस्तखत किए थे और 2019 में इसके तहत जानकारियों का आदान प्रदान शुरु हो जाएगा ।

पीएम मोदी और डोरिस लिउथर्ड के बीच हुई बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच रेलवे के क्षेत्र में दो समझौते भी हुए। प्रधानमंत्री ने एमटीसीआर की सदस्यता के मसले पर भारत समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया.तो एनएसजी के मसले पर भी भारत का निरंतर सहयोग करते रहने के लिए आभार व्यक्त किया।

दोनों नेताओं ने मुक्त व्यापार पर भी चर्चा की और कहा कि द्विपक्षीय निवेश संधि पर बातचीत जारी है । भारत और स्विट्जरलैंड के बीच मजबूत आर्थिकि संबंध हैं। स्विट्जरलैंड भारत का सातवां सबसे बड़ा व्यापार साझेदार और भारत के लिए 11वां सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है। दोनों नेताओं ने पेरिस जलवायु परिवर्तन को लागू करने पर जोर दिया ।

डोरिस लिउथर्ड ने मोदी सरकार के सुधारों की तारीफ की और कहा कि उऩका देश स्किल इंडिया, डिजीटल इंडिया, क्लीन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्मार्ट सिटी परियोजना में भारत के सहयोगी बन सकते हैं । इससे पहले स्विटजरलैंड की राष्ट्रपति का गुरुवार सुबह राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद थे। राष्ट्रपति भवन में स्विस राष्ट्रपति ने सलामी गारद का निरीक्षण भी किया। उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को भी श्रद्धांजलि दी।

राष्ट्रपति डोरिस लिउथर्ड ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद , उपराष्ट्रति, विदेश मंत्री सुषमा स्वाराज और वित्त मंत्री अरुण जेटली भी से मुलाकात की और आपसी हितों से जुड़े विविध विषयों पर चर्चा की। भारत स्विटजरलैंड की दोस्ती के भी 70 साल पूरे होने के मौके पर हो रही इस तीन दिवसीय यात्रा के दौरान दोनों देश कारोबार, निवेश एवं आर्थिक विषयों समेत द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने को प्राथमिकता दे रहे हैं ।