भारत-बांग्लादेश ने की विकास परियोजनाओं की शुरुआत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिए संयुक्त रूप से दो विकास परियोजनाओं की शुरुआत की। प्रधानमंत्री ने कहा, इन अहम परियोजनाओं से द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी मज़बूती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बंगलादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिये भारत-बंगलादेश मैत्री पाइपलाइन परियोजना का संयुक्त रूप से शिलान्यास किया। इसके साथ ही दोनों प्रधानमंत्रियों ने ढाका-टोंगी सेक्शन पर तीसरी और चौथी लाइन का भी शिलान्यास किया। इसके अलावा टोंगी-जयदेवपुर सेक्शन का दोहरीकरण भी इसी परियोजना में शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच ऊर्जा ज़रूरतों के मद्देनज़र बढ़ते कदमों पर ज़ोर दिया।

भारत-बांग्लादेश के बीच रिश्तों को एक और मज़बूती मिली। प्रधानमंत्री मोदी ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ संयुक्त रूप से दो परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें पहली परियोजना भारत-बांग्लादेश के बीच बनने वाली महत्वकांक्षी हाई स्पीड डीज़ल सप्लाई पाइपलाइन रही।

दोनों ही प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त रूप से ढाका-टोंगी सेक्शन पर तीसरी और चौथी लाइन का भी शिलान्यास किया। इसके अलावा टोंगी-जयदेवपुर सेक्शन का दोहरीकरण भी इसी परियोजना में शामिल है। गौरतलब है कि भारत बांग्लादेश में कुल 17 रेलवे प्रोजेक्ट के लिए सहयोग दे रहा है।

इनमें से कुल 9 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं। इससे बांग्लादेश का यातायात सुगम और आधुनिक बन रहा है। पिछले 10 दिनों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए कुल 5 विकास परियोजनाओं की शुरूआत की गई है। भारत-बांग्लादेश के साथ बढ़ रहे संबंधों को प्रधानमंत्री ने एक पड़ोसी देश के बढ़कर एक परिवार जैसा बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच ऊर्जा ज़रूरतों के मद्देनज़र बढ़ते कदमों पर ज़ोर दिया। उन्होने कहा कि सिलीगुड़ी-पार्वतीपुर बांग्लादेश के बीच बनने वाली पाइप लाइन भी बांग्लादेश की ज़रूरतों को पूरा करेगा। ये पाइपलाइन भारत और बांग्लादेश के बीच कुल 129 किमी. की होगी।

इसका 5 किमी. का हिस्सा भारत में बाक़ी पूरा बांग्लादेश में बनेगा। कुल 346 करोड़ रु. की लागत से बनने वाली इस पाइप लाइन के 30 महीनों में बनकर पूरा होने की उम्मीद है। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने विकास कार्यों में सहायता के लिए भारत सरकार का आभार जताया।

बांग्लादेश की आज़ादी के वक़्त से ही भारत के संबंध ऐतिहासिक रहे हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच संयुक्त विकास परियोजनाओं की बदौलत रिश्तों में नयी ऊंचाई देखने को मिल रही है। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी का ज़ोर भी एक्ट ईस्ट और पड़ोसी पहले नीति के ज़रिए दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के साथ संबंधों को प्रगाढ़ बनाने पर रहा है।