चाबहार रेल परियोजना से भारत को बाहर करने की ख़बर को ईरान ने बताया अफवाह

ईरान ने उन मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि भारत को चाबहार रेलवे प्रॉजेक्ट से बाहर कर दिया गया है। ईरान के ट्रांसपोर्ट और रेलवे विभाग के डेप्युटी मिनिस्टर सईद रसौली ने कहा यह रेल परियोजना चाबहार पोर्ट से जहेदान के बीच बनाई जानी है। इस तरह की रिपोर्टों के पीछे कोई साजिश है।

ईरान द्वारा भारत को चाबहार रेल परियोजना से बाहर करने वाली रिपोर्टस को ईरान ने अफवाह करार दिया है। माना जा रहा था कि ऐसा ईरान-चीन के बीच होने जा रही 400 अरब डॉलर की डील का असर है। अब ईरान ने ऐसी खबरों का खंडन किया है। ईरान की ओर से बयान जारी कर गया है कि भारत चाबहार जहेदान रेल प्रॉजेक्ट का हिस्सा है।

ईरान ने उन मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि भारत को चाबहार रेलवे प्रॉजेक्ट से बाहर कर दिया गया है। ईरान के ट्रांसपोर्ट और रेलवे विभाग के डेप्युटी मिनिस्टर सईद रसौली ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा है कि इन रिपोर्टों के पीछे कोई साजिश है। यह रेल परियोजना चाबहार पोर्ट से जहेदान के बीच बनाई जानी है।

पिछले हफ्ते ईरान के ट्रांसपोर्ट और शहरी विकास मंत्री मोहम्‍मद इस्‍लामी ने 628 किमी लंबे रेलवे ट्रैक को बनाने का उद्घाटन किया था। इस रेलवे लाइन को अफगानिस्‍तान के जरांज सीमा तक बढ़ाया जाना है। साल 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरान यात्रा के दौरान चाबहार समझौते पर हस्‍ताक्षर हुआ था।

पूरी परियोजना पर करीब 1.6 अरब डॉलर का निवेश होना था। इस परियोजना को पूरा करने के लिए इरकान के इंज‍िन‍ियर ईरान गए भी थे लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते भारत ने रेल परियोजना पर काम को शुरू नहीं किया। दूसरी ओर ईरान और चीन जल्‍द ही एक महाडील पर समझौता कर सकते हैं। इसके तहत चीन ईरान से बेहद सस्‍ती दरों पर तेल खरीदेगा, वहीं इसके बदले में पेइचिंग ईरान में 400 अरब डॉलर का निवेश करने जा रहा है।