युगांडा के विकास में हमेशा भारत साथ: पीएम

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अफ्रीकी देशों के दौरे के दूसरे चरण में युगांडा पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी के बीच आपसी संबंधों की मजबूती पर विस्तार से बात की. दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. पीएम ने इस मौके पर युगांडा के विकास की भारत की प्रतिबद्धता को जताते हुए कहा कि युगांडा हमेशा हमारे दिलों में था और रहेगा. पीएम ने युगांडा को 20 करोड डॉलर के ऋण का भी एलान किया. पीएम बुधवार को युगांडा की संसद को संबोधित करेंगे, वो ऐसा करने वाले भारत के पहले पीएम होंगे.

रवांडा की सफल यात्रा के बाद युगांडा पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगवानी खुद राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी ने की. युगांडा के स्टेट हाउस में पीएम मोदी का राष्ट्रपति की अगुआई में राजकीय स्वागत किया गया. युगांडा की सेना के बैंड ने इस मौके पर स्वागत धुन बजाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया.

पीएम के स्वागत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी ने मुलाकात की, जिसमें आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई. बाद में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच हुई शिष्टमंडल स्तर की बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर व्यापक चर्चा की गई. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऊर्जा बुनियादी ढांचे, कृषि और डेयरी क्षेत्रों में करीब 200 मिलियन डॉलर के दो लाइनों की क्रेडिट की घोषणा की.

भारत और युगांडा के बीच तीन समझौतों पर हस्ताक्षर हुए. जिसमें रक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और राजनयिक पासपोर्ट शामिल हैं. दोनों नेताओं ने बाद में साझा प्रेस वार्ता को भी संबोधित किया. इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत युगांडा को हर संभव मदद मुहैया कराएगा. उन्होंने कहा कि भारत युगांडा की सेना के लिए वाहन और एंबुलेंस मुहैया कराएगा.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और युगांडा के रिश्ते समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं. उन्होंने कैंसर संस्थान को थेरैपी मशीन देने की भी घोषणा की. इस मौके पर युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बेतरीन प्रशासक बताते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की.

1997 के बाद युगांडा की यात्रा करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं. पीएम मोदी बुधवार को वहां की संसद को भी संबोधित करेंगे. ऐसा करने वाले वह देश के पहले प्रधानमंत्री हैं. प्रधानमंत्री की यह यात्रा दोनों देशों के बीच रिश्तों के नए द्वार को खोलने वाली साबित होगी.