भारत-अमेरिका ने 300 करोड़ डॉलर के डिफेंस डील पर लगाई मुहर

यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प के भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने बड़ी डिफेंस डील को अंतिम रूप दे दिया है. भारत और अमेरिका ने मंगलवार को 3 अरब डालर के डिफेंस डील पर मुहर लगाई और 3 समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए. जिसमें से एक समझौता पत्र ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित है. वहीे दोनों देशों के बीच 5जी दूरसंचार प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत में स्थिति सहित कई जरूरी मुद्दों पर भी बात हुई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने अपने संबंधों को समग्र वैश्विक सामरिक गठजोड़ के स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया है. यह संबंध सिर्फ दो सरकारों के बीच नहीं हैं, बल्कि लोक केंद्रित हैं.

5G दूरसंचार प्रौद्योगिकी पर बढ़ी बात
राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि हमने 300 करोड़ डॉलर की डिफेंस डील को अंतिम रूप दिया है. हमने 5जी दूरसंचार प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत में स्थिति पर भी चर्चा की. अमेरिका-भारत की साझेदारी सही मायने में पहले से काफी मजबूत हुई है और दोनों देशों ने शानदार समझौते किये हैं. वहीं, मोदी ने कहा कि तेल और गैस के लिए अमेरिका भारत का एक बहुत महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है. भारत अमेरिका गठजोड़ उद्योग 4.0 और 21वीं शताब्दी की अन्य उभरती प्रौद्योगिकी पर भी नवोन्मेष और उद्यमिता के नए मुकाम स्थापित कर रहा है.

मादक पदार्थों की तस्करी पर हुई बात
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने मादक पदार्थ और इससे जुड़ी समस्याओं से निपटने को प्राथमिकता दी है. आज हमारे बीच मादक पदार्थों की तस्करी, मादक पदार्थ से जुड़े आतंकवाद और संगठित अपराध जैसी गंभीर समस्याओं के बारे में एक नए तंत्र पर भी सहमति बनी. उन्होंने कहा कि आज राष्ट्रपति ट्रंप और मैंने हमारे संबन्धों को समग्र वैश्विक सामरिक गठजोड़ के स्तर पर ले जाने का निर्णय किया है. ट्रम्प ने कहा कि हमने मादक पदार्थ रोधी केन्द्र स्थापित करने का निर्णय लिया. हम सतत परियोजनाओं के लिए ‘ब्लू डॉट नेटवर्क’ पर काम कर रहे हैं.

भारतीय पेशेवरों की चर्चा
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय पेशेवरों की प्रतिभा ने अमरीकी कंपनियों के प्रौद्योगिकी नेतृत्व को मजबूत किया है. वैश्विक स्तर पर भारत और अमेरिका का सहयोग हमारे समान लोकतांत्रिक मूल्यों और उद्देश्यों पर आधारित है. खासकर हिन्द प्रशांत क्षेत्र में नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए यह सहयोग विशेष महत्व रखता है. मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका की इस विशेष मित्रता की सबसे महत्वपूर्ण नींव हमारे लोगों से लोगों के बीच संबंध हैं, चाहे वह पेशेवर हों या छात्र हों.

आतंकवाद का भी उठा मुद्दा
मोदी ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि आतंकवाद के समर्थकों को जिम्मेदार ठहराने के लिए आज हमने अपने प्रयासों को और आगे बढ़ाने का निश्चय किया है. ट्रम्प ने भी कहा कि हम कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद से निपटने में सहयोग करने को सहमत हुए हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका आतंकवाद से निपटने के लिए पाकिस्तान के साथ सकारात्मक रूप से काम कर रहा है.