भारत बनेगा स्टार्ट-अप का वैश्विक केंद्र

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नई दिल्ली : केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग और नागरिक उडड्यन मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा है कि भारत के नव उद्यमियों (स्टार्ट-अप्स) में भारत के विकास में बड़ा बदलाव लाने की क्षमता है। श्री प्रभु आज नई दिल्ली में स्टेट ऑफ इंडियन स्टार्ट-अप इको सिस्टम 2018 की पहली रिपोर्ट जारी करने के अवसर पर बोल रहे थे। यह रिपोर्ट आईएनसी 42 द्वारा तैयार की गई है जो इंडियन स्टार्ट-अप इको सिस्टम के बारे में महत्वपूर्ण सूचनाएं संकलित करने के लिए जानी जाती है।

श्री प्रभु ने कहा कि वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय देश में नव उद्यमियों को अनुकूल और सकारात्मक माहौल उपलब्ध कराने के लिए कई उपाय कर रहा है। इसके तहत पारंपरिक उद्योगों के लिए बनाए गए कई सारे पुराने नियमों की समीक्षा की जा रही है और उनमें से कई को खत्‍म किया जा रहा है या उनमें समय की आवश्‍यकताओं के अनुरुप बदलाव किया जा रहा हे ताकि स्‍टार्ट अप्‍स को फलने फूलने का मौका मिल सके और वह देश में अपनी जड़ें गहरी जमा सकें।

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि उनका मंत्रालय अगले महीने देश में एक वैश्विक निवेशक सम्मेलन करने जा रहा है जिसमें दुनिया के बड़े निवेशकों को भारत के स्टार्ट-अप्स में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया है। श्री प्रभु ने इस अवसर पर कारोबारी सुगमता सूचकांक में भारत की स्थिति सुधरने का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार इस सूचकांक के शीर्ष 50 देशों में भारत का नाम सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

श्री प्रभु ने कहा कि आज का दौर निरंतर बदलाव का है और भारतीय युवाओं में नई सोच के साथ सकारात्मक बदलाव लाने की अद्भुत क्षमता और दृढ़ इच्छा शक्ति दोनों मौजूद हैं जिससे सिर्फ भारत के लोग ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया लाभान्वित होगी।