यूएई में फंसे भारतीयों का वीजा जुर्माना किया गया माफ

मीडिया में आई एक खबर के मुताबिक इससे कोविड-19 महामारी के बीच घर लौटने के लिये उन्हें अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना पड़ेगा

दुबई: संयुक्त अरब अमीरात ने उन भारतीय प्रवासियों से वसूले जाने वाले वीजा जुर्माने के हजारों दिरहम की रकम माफ कर दी जिनके वीजा की अवधि एक मार्च से पहले खत्म हो चुकी थी. मीडिया में आई एक खबर के मुताबिक इससे कोविड-19 महामारी के बीच घर लौटने के लिये उन्हें अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना पड़ेगा. ‘गल्फ न्यूज’ ने एक खबर में दुबई स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास को उद्धृत करते हुए कहा कि अब तक 145 भारतीय यूएई में भारतीय मिशन द्वारा प्रस्तावित इस योजना का लाभ उठा चुके हैं.

खबर में कहा गया कि अबु धाबी में भारतीय दूतावास ने 22 जुलाई को नई व्यवस्था के उद्घाटन की घोषणा की थी जिसके तहत जिन भारतीयों के निवास व भ्रमण वीजा की अवधि एक मार्च से पहले खत्म हो गई थी वे 17 अगस्त तक बिना बकाया राशि चुकाए भारत जाने वाली उड़ानों से वतन वापस हो सकते हैं.

मीडिया, सूचना एवं संस्कृति के लिये भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारी नीरज अग्रवाल ने कहा कि दुबई में आवासन एवं विदेश मामलों के महानिदेशालय (जीडीआरएफए) ने पहले चरण में 145 भारतीयों के आवेदनों पर शुल्क माफ कर दिया है. इन आवेदकों में आवासन नियमों के उल्लंघन के आरोपों का सामना कर रहे भगोड़े भी शामिल हैं. अग्रवाल ने कहा कि कई साल से बिना समुचित दस्तावेजों के रह रहे लोग अब बिना जुर्माना अदा किये घर वापस लौट सकते हैं.

उन्होंने कहा कि 800 आवेदन जीडीआरएफए कार्यालय भेजे गए हैं और आने वाले हफ्तों में और स्वीकृतियां मिलने की उम्मीद हैं क्योंकि ईद की छुट्टियां खत्म हो गई हैं. उन्होंने कहा कि वीजा संबंधी जुर्माना चुकाए बिना घर लौट रहे हवाईयात्रियों को हवाईअड्डे पर सामान्य समय से थोड़ा पहले पहुंचना होगा क्योंकि हवाईअड्डे पर कुछ अतिरिक्त प्रक्रियाओं का पालन उन्हें करना होगा.

वीजा पर लगे जुर्माने का मामला पिछले महीने सामने आया था जब 30 राजस्थानी कामगारों को वापसी की उड़ान पकड़ने से रोक दिया गया क्योंकि उन्होंने वीजा अवधि खत्म होने के बाद लगाया गया जुर्माना अदा नहीं किया था. इन कामगारों ने भारतीय वाणिज्य दूतावास को बताया कि बीते तीन महीनों से उनकी कोई कमाई नहीं हुई थी और उनके पास ठहरने के लिये भी कोई उचित स्थान नहीं है.