किसानों तक पहुंचायें उन्नत बीज और उर्वरक, उद्यानिकी और मत्स्यपालन को बढ़ाने के निर्देश, कृषि उत्पादन आयुक्त ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग से की समीक्षा

जबलपुर । कृषि उत्पादन आयुक्त के.के. सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए रबी 2019-20 की समीक्षा की और खरीफ 2020 की कार्ययोजना के लिये दिशा-निर्देश दिये ।  खरीफ 2020 अन्तर्गत संभाग का 22 लाख 55 हजार 400 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र खरीफ फसलों से आच्छादित करने का लक्ष्य प्रस्तावित किया गया है । कृषि उत्पादन आयुक्त ने निर्देश दिये कि खरीफ फसलों के लिये बीज की मांग का सटीक आंकलन कर कृषि अधिकारी प्रमाणित बीजों की आपूर्ति सुनिश्चित करें ।  राज्य शासन द्वारा उर्वरकों की निरंतर आपूर्ति की जा रही है ।  उर्वरक किसानों तक पहुंचाये ।  अग्रिम भंडारण और उठाव की समीक्षा कलेक्टर्स कर ले।

इस बैठक में जबलपुर के एन.आई.सी. के वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष में संभागायुक्त महेशचन्द्र चौधरी, कलेक्टर भरत यादव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रियंक मिश्र और संभागीय अधिकारी क्रम से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शामिल हुए।  संभाग के जिलों में कलेक्टर और अन्य जिला अधिकारी शामिल हुए।

संभागायुक्त श्री चौधरी ने कृषि, सहकारिता, उद्यानिकी, मत्स्यपालन आदि कृषि से जुड़े क्षेत्रों में नवाचार तथा राज्य शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों में प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा जहां एक ओर किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, वहीं अमानक खाद-बीज के लिये कार्रवाई की जायेगी।

संभागायुक्त श्री चौधरी ने कहा कि कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देकर नश्ल सुधार कार्यक्रम को गति दी जाएगी ।  गौशालाओं के प्रगतिशील निर्माण कार्यों को पूर्ण किया जाएगा । गौशालाओं का सुचारू संचालन शुरू किया जाएगा ।  भूसा खरीदी कार्य का रिव्यू किया जा रहा है ।

उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत किसानों के लिये किसान क्रेडिट कार्ड सुनिश्चित होने तथा इस कार्य से पशुपालन तथा मत्स्यपालन को जोड़ा जाएगा तथा इसकी क्रेडिट लिमिट बढ़ायी जायेगी ।  उन्होंने पशु बीमा राशि के प्रकरण के निराकरण के लिये विकेन्द्रीयकृत व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत रेखांकित की । उन्होंने कहा पशुधन संजीवनी, पशुपालक किसानों के कल्याण की उपयोगी योजना है ।  इसका प्रचार-प्रसार पंचायत स्तर से भी करने के निर्देश दिये गये हैं ।

कलेक्टर भरत यादव ने कहा कि जबलपुर जिले के लिये एक बड़ी गौशाला निर्माण की जरूरत है । उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सहकारी दुग्ध संघ के 130 दुग्ध पार्लर को क्रियाशील किया जाएगा । कंटेनमेंट जोन में दुग्ध पार्लर के माध्यम से दुग्ध सप्लाई भी सुनिश्चित की जायेगी ।

उद्यानिकी तथा मत्स्य पालन की समीक्षा में संभागायुक्त ने कहा कि उद्यानिकी फसलों का क्षेत्र प्रत्येक जिले में 20 प्रतिशत तक बढ़ाया जायेगा । सब्जी और मसालों के उत्पादन में अपेक्षित वृद्धि लाने के निर्देश मैदानी अमले को दिये गये हैं ।  सम्पूर्ण कृषि क्षेत्र के लिये केन्द्र और राज्य शासन के कार्यक्रम के क्रियान्वयन पर फोकस किया जा रहा है। संभागायुक्त श्री चौधरी ने कहा कि उद्यानिकी विस्तार के लिये मनरेगा के माध्यम से एरिया विस्तार किया जायेगा । उद्यानिकी विस्तार के लिये क्लस्टर एप्रोच को बढ़ावा दिया जायेगा ।

कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि जबलपुर संभाग में वन क्षेत्र तथा वन ग्रामों की संख्या अधिक है ।  अत: उद्यानिकी को वन ग्रामों तक पहुंचायें ।  संभागायुक्त ने बताया कि वनमंडलाधिकारियों की बैठक बुलाकर वनाधिकार पट्टा प्राप्त वनवासियों को फलों तथा उद्यानिकी फसलों का उत्पादन लेने प्रेरित किया जायेगा । उन्होंने बताया कि जबलपुर में उच्च स्तरीय गुणवत्ता वाली मटर के विपुल उत्पादन को दृष्टिगत रखते हुए मटर प्रोसेसिंग यूनिट स्थापना के प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजे जाएंगें ।  उद्यानिकी विस्तार के लिये नारंगी भूमि का बेहतर उपयोग किया जाएगा ।

सहकारिता विभाग अंतर्गत समीक्षा में कहा गया कि कृषि ऋणों की वसूली के लिये बड़े सक्षम किसानों की सूची तैयार कर वसूली की जाय ।  शासकीय राशि के गबन के प्रकरणों को कलेक्टर के समक्ष सहकारिता विभाग के अधिकारी रखें तथा उनके निर्देश पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें ।  वसूली के प्रकरणों में लीगल कार्रवाई की जाय । संभागायुक्त श्री चौधरी ने कहा कि वसूली में राजस्व अधिकारियों की ड्यूटी लगायी जाकर वसूली सुनिश्चित करायी जायेगी ।  बैठक में भोपाल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबंधित विभागों के विभागाध्यक्षों द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गये ।