जिला प्रशासन एवं सीएमएसआर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव शुरू
इन्दौर | समाज सेवी श्रीमती जनक पलटा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री आशीष सिंह ने आज अंतर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव का प्रीतमलाल दुआ सभागार में शुभारंभ किया। इस अवसर पर श्री सिंह ने कहा कि पूंजीवाद और भौतिकतावाद के इस युग में मांग और आपूर्ति का महत्व बढ़ता जा रहा है। फिल्म जगत सस्ते मनोरंजन के दौर से गुजर रहा है। इस अंतर्राष्ट्रीय बाल फिल्म समारोह में बच्चों में फिल्म के माध्यम से साहस, विवेक और बंधुत्व की भावना जागृत होगी। ये फिल्में पर्यावरण तथा जनजागरुकता पर केन्द्रित हैं।
   इस अवसर पर समाज सेवी श्रीमती पलटा ने कहा कि इंदौर देवी अहिल्या की नगरी है। यहां पर पूरे मनोयोग से किया गया कार्य कभी भी असफल नहीं होता। आज-कल के बच्चों को शिक्ष पद फिल्में दिखाने की जरूरत है। यहां पर मौजूद श्रोतागण इस फिल्म समारोह को सफल बनाने में मदद करेंगे।
   इन्दौर जिले में महिला सशक्तिकरण, स्पेशल बच्चों को शिक्षा, स्मार्ट सिटी एवं सरल जीवन यापन जैसे सशक्त समकालीन मुद्दों पर तीन दिवसीय वुडपेकर अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का आयोजन 8 से 10 जनवरी 2016 तक स्थानीय प्रीतमलाल दुआ सभागृह में जिला प्रशासन एवं सीएमएसआर फाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों से किया जा रहा है। इस फिल्मोत्सव में बच्चों के लिये पर्यावरण, वन्य जीवन पर आधारित, वन एवं महिला सशक्तिकरण पर वृत्त चित्र एवं लघु फिल्में प्रदर्शित की जायेगी। बच्चों की फिल्में सुबह 10 बजे से 12.20 बजे तक प्रदर्शित होंगी। सामाजिक विषयों पर दोपहर 1.30 बजे से 4 बजे तक और पर्यावरण और वन्य जीवन पर 4 बजे से 6 बजे तक फिल्में दिखाई जायेंगी। 
   इस फिल्म महोत्सव में दूसरे दिन 9 जनवरी को बच्चों की फिल्में प्रात: 10 बजे टर्टल डायरिस, 10.40 बजे लिटिल हेण्ड, 10.50 बजे साउण्ड ऑफ जॉय, 11.50 बजे ए रीवर आइसलैंड टेल, 12.00 बजे इन टू द जंगल, 12.10 बजे द थस्र्टी क्राउ तथा दोपहर 12.20 बजे द ट्रम्पेटीर प्रदर्शित की जायेगी। इसके पश्चात सामाजिक विषयों की फिल्में दोपहर 1.30 बजे वोम्ब ऑफ रेन्ट, 2.35 बजे मीना, 2.55 बजे जरिया, 3.05 बजे बाबई तथा 3.25 बजे वन स्टेप फिल्म दिखाई जायेगी। इसी तरह शाम 4 बजे से पर्यावरण एवं वन्य जीवन पर आधारित फिल्म लाइफ फोर्स-2, शाम 4.50 बजे उड़ान एवं 5.10 बजे इंडियाज वन्डरिंग लॉयन्स प्रदर्शित की जायेगी। 
   इसी तरह फिल्म महोत्सव के अंतिम दिन 10 जनवरी को प्रात: 10 बजे बच्चों की फिल्मों में जल प्रबंधन की कहानी-जलसा की जुबानी, 10.25 बजे कम अलोंग वीथ हरिया, 10.35 बजे साउंड ऑफ जॉय, 11.35 बजे द फ्लाइट, 11.45 बजे मीना, दोपहर 12.05 बजे माय ग्रीन प्लेनेट, 12.10 बजे क्लाइमेट चेंज क्लासरूम तथा दोपहर 12.20 को मोडिफाइंग दिखाई जायेगी। इस दिन सामाजिक विषयों की फिल्मों में दोपहर 1.30 बजे ब्रोकिंग द साइलेंस, 2.10 बजे फिल्म “कोई देखने वाला है”, दोपहर 2.35 बजे मैरिज बाजार, 2.50 बजे ए बोहेमियन म्यूजिशियन, 3.05 बजे बारानाजा, 3.15 बजे न्यू बिगिनिंग्स  तथा 3.25 बजे सेल्फी प्रदर्शित होगी। इसके बाद पर्यावरण एवं वन्य जीवन पर आधारित फिल्म “ड्राप बाय ड्राप” शाम 4 बजे, शाम 4.10 बजे टर्निंग द क्लॉक बेक एवं 5.10 बजे टाइगर डायनेस्टी प्रदर्शित की जायेगी। इस फिल्म महोत्सव में प्रवेश निशुल्क है।
   कार्यक्रम को बुडपेकर अंतर्राष्ट्रीय बाल फिल्म फेस्टिवल के श्री रोहित सिंह और श्री नरेन्द्र यादव ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम का संचालन सुश्री कश्मीरा ने किया। कार्यक्रम में अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किये गये।