इस देश में ‘अब्बू’ बना सकते है अपनी ही बेटी को बेगम

ईरानी संसद ने एक बिल पास कर कानून बनाया है कि एक पिता अपनी गोद ली हुई बेटी को बीवी बना सकता है। ईरान जैसे इस्लामिक देश में इस तरह का कानून बनाना कोई नई बात नहीं है जहां महिलाओं को फुटबॉल का मैच देखने से भी रोक दिया जाता हो।

ईरान में शादी की उम्र लड़कों के लिए 15 वर्ष और लड़कियों के लिए 13 वर्ष है। ईरानी संसद ने नया कानून पारित किया है, जिसके अनुसार कोई भी पिता अपने गोद ली हुई 13 साल के ऊपर की बेटी से शादी कर सकता है। इस कानून को लागु करने के पीछे अधिकारियों का तर्क यह है इसके द्वारा हिजाब की परेशानी को दूर किया जा रहा है, क्योंकि ईरान में गोद ली हुई बेटी को पिता के सामने हिजाब पहनना पड़ता है ,और गोद लिए हुए बेटे के सामने मां को ।

अगर पिता अपनी गोद ली हुई बेटी से शादी कर संबंध बना ले तो वह उसकी पत्नी हो जाएगी और उसे हिजाब से मुक्ति मिल जाएगी। इस तरह की सोच ईरान जैसे कट्टरपंथी इस्लामिक देशों की ही हो सकती हैं।

क्या इससे उस मासूम किशोरी पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा ?वह मानसिक और शारीरिक रूप से सबसे ज्यादा प्रभावित होगी। एक हिजाब को हटाने के लिए उसे जीवन भर के लिए अंधेरे में धकेला जा रहा है। उसका न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक विकास भी रूक जाऐगा। इस तरह का कानून किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता है।

वहीं गोद ली हुई पुत्री से पिता की शादी को कतई जायज नहीं ठहराया जा सकता ।अगर पिता ही अपनी गोद ली हुई बेटी से शादी कर संबंध बनाएगा तो यह पुत्री के साथ रेप करने जैसा होगा। पर ईरान जैसे इस्लामिक देश इसे जायज ठहराते हैं।

हालांकि पूरे विश्व में इस कानून के खिलाफ आवाज उठ रही है लेकिन ईरान के अधिकारियों के कानों में जूँ कब रेंगेगी, पता नहीं? और कब वो कट्टर इस्लाम से बाहर निकलकर लड़कियों के बारे में सोचगें, पता नहीं।