भारत में ईरान के राजदूत का बड़ा बयान, कहा- हमारा ‘बदला’ पूरा, अब हम युद्ध नहीं चाहते

ईरान-अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। इस बीच भारत में ईरान के राजदूत डॉ. अली चेगेनी ने कहा कि हमने जो भी किया है वह हमारी प्रतिक्रिया का हिस्सा है। जनरल कासिम सोलेमानी के अंतिम संस्कार में भाग लेने वाले लाखों लोगों ने सरकार से इसकी मांग की थी। हमने यह कर दिया। हम युद्ध नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि हम भारत सहित अपने भाइयों और बहनों के साथ इस क्षेत्र में शांति से रह रहे हैं। हम इस क्षेत्र में कोई तनाव नहीं चाहते हैं। बता दें ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने बुधवार को कहा कि इराक में अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर दागी गईं 15 मिसाइलों के हमले में 80 ‘अमेरिकी आतंकी’ मारे गए।

इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरानी हमला

ईरान ने इराक में स्थित दो अमेरिकी सैन्य अड्डों पर एक दर्जन से अधिक बैलिस्टिक मिसाइल दागी हैं जहां अमेरिकी सेना और उसके सहयोगी देशों के सैन्य बल ठहरे हुए हैं। ईरान ने अल-असद और इरबिल में अमेरिकी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे एयरबेस को निशाना बनाया गया है। बगदाद में अमेरिकी हवाई हमले में ईरान के सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद ईरान ने यह कार्रवाई की है। गौरतलब है कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के अगुवा हुसैन सलामी ने मंगलवार को कर्मन में अमेरिका के समर्थन वाले स्थानों को नष्ट करने की चेतावनी दी थी। इस बीच, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने हमले की पुष्टि की है। पेंटागन ने ट्वीट कर बताया कि वह इस हमले के शुरूआती नुकसान का आंकलन करने में जुटा है।

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हमले में हुए जानमाल के नुकसान की जानकारी ली और ट्वीट कर कहा ‘ऑल इज़ वैल’। ट्रंप ने कहा कि इराक में स्थित दो सैन्य ठिकानों पर ईरान ने मिसाइलें दागी हैं। हमले से नुकसान और हताहत का आंकलन किया जा रहा है। हमारे पास दुनिया की सबसे ताकतवर और सुसज्जित सेना है। इस मामले में अब मैं अगले दिन सुबह बयान दूंगा।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इराक में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान द्वारा हमले के बाद प्रतिक्रिया देत हुए कहा कि ईरान एक शांति प्रिय देश है । हम किसी भी देश के साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं करते है। साथ ही, उन्होंने कहा कि अमेरिकी ठिकानों पर ईरान द्वारा हमला सफल रहा है । उन्होंने कहा कि हमने अमेरिका के अहंकार को चकनाचूर कर दिया है । यहाँ तक कि इस्राइलियों ने भीख माँगते हुए कहा कि हम पर हमला न करें। उन्होंने कहा कि इस जीत को अपने सिर पर मत आने दो। हमेशा भगवान पर भरोसा रखो, और हमेशा विनम्र रहो।

ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने भी ट्वीट कर अमेरिकी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की पुष्टि की और कहा कि ईरान ने संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा में तयशुदा दायरे में ईरान ने कदम उठाए हैं। हमारे नागरिकों और वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कायरतापूर्ण सशस्त्र हमला किया गया था। उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी तरह का युद्ध नहीं चाहता है लेकिन अपने खिलाफ होने वाले हमलों पर कार्रवाई करेगा। जरीफ ने कहा कि इसके साथ ही अमेरिकी हवाई हमले में मारे गए कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला पूरा हो गया है।

इस बीच अमेरिकी संघीय उड्डयन प्रशासन (एफएए) ने कहा है कि उसने अमेरिका में पंजीकृत विमानों के इराक, ईरान और खाड़ी क्षेत्र के ऊपर से गुजरने पर प्रतिबंध लगा दिया है। एफएए ने एक बयान में कहा गया है कि वो पश्चिम एशिया में घटनाओं पर करीबी नजर बनाए रखेगा। मिस्र ने भी इराक के लिए अपनी हवाई उड़ानों को स्थगित कर दिया है।