जन्माष्टमी के पहले सील हुआ वृंदावन का इस्कॉन मंदिर, पुजारी सहित 22 लोग कोरोना संक्रमित

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा में धार्मिक आयोजन में हिस्सा लेने की हसरत रहने वाले लोगों का सपना टूट गया है। उत्तर प्रदेश में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए दर्शन की छूट है, लेकिन मथुरा के वृंदावन स्थित अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (ISKCON) मंदिर में विदेशियों सहित 22 लोगों के कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। ऐसे में प्रशासन ने संक्रमितों को आइसोलेट कर मंदिर को सील कर दिया है।

ब्रह्मचारियों की तबीयत बिगड़ने पर कराया था कोरोना टेस्ट
दैनिक जागरण के अनुसार लॉकडाउन के बाद से ही इस्कॉन मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद था, लेकिन मंदिर के अंदर नियमित रूप से ठाकुरजी की पूजा की जा रही थी और कार्यालय संचालित था। रविवार को मंदिर में सेवा करने वाले कुछ ब्रह्मचारियों को बुखार की शिकायत होने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। इसके बाद मंदिर में कार्यरत सभी 165 ब्रह्मचारियों और गृहस्थों का कोरोना टेस्ट करवाया गया। इसमें 22 के संक्रमण की पुष्टि हुई है।

इनके हुई कोरोना संक्रमण की पुष्टि
मंदिर के प्रवक्ता सौरभ त्रिविक्रम दास ने बताया कि जांच में 22 लोगों के संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें तीन पुजारी और चार ब्रह्मचारी हैं। ब्रह्मचारी मंदिर की रसोई में प्रसाद तैयार करते हैं। इसके अलावा नियमित हरिनाम संकीर्तन करने वाले दो लोग, पांच गृहस्थ लोगों के अलावा अन्य लोग शामिल हैं। इन सभी लोगों को होम आइसोलेट करने के साथ मंदिर को पूरी तरह सील कर दिया गया। मंदिर में आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

मंदिर के आवासीय परिसर को किया गया है सैनिटाइज
नगर निगम वृंदावन क्षेत्र के स्वच्छता निरीक्षक सुभाष सिंह ने बताया कि दो दिन पहले कोरोना संक्रमित मिलने की सूचना पर संबंधित आवासीय परिसर को सैनिटाइज किया गया था। साथ ही कोरोना संक्रमित व्यक्तियों से जुड़े ब्लॉक को सील कर दिया गया था।

जन्माष्टमी पर वृंदावन के मंदिरों के होंगे आभासी दर्शन
कोरोना महामारी के चलते वृंदावन के मंदिरों में दर्शन पर प्रतिबंध लगाए जाने को लेकर चंद्रोदय मंदिर प्रशासन ने सभी मंदिरों के आभासी दर्शन कराने की योजना तैयार की है। इसके तहत सभी भक्त ऑनलाइन के माध्यम से वैष्णो देवी मंदिर, वृंदावन चंद्रोदय मंदिर, प्रेम मंदिर, इस्कॉन मंदिर, कृष्ण-बलराम वृक्ष, कालिया दाह घाट, मदन मोहन मंदिर, बांके बिहारी मंदिर, राधा दामोदर देव जी मंदिर, निधिवन मंदिर, राधा गोपीनाथ मंदिर, चिर घाट और यमुना नदी के दर्शन कर सकेंगे।

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के 743 कर्मचारी हो चुके हैं संक्रमित
मंदिर कर्मचारियों और पुजारियों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले आंध्र प्रदेश स्थित तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के 743 कर्मचारियों में भी कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है और इनमें से तीन कर्मचारियों की मौत भी हो गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसके बाद भी मंदिर को बंद नहीं किया जा रहा है। ऐसे में देश में धार्मिक स्थल अब कोरोना संक्रमण का केंद्र बनकर उभर रहे हैं।

भारत और उत्तर प्रदेश में यह है कोरोना संक्रमण की स्थिति
भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 53,601 नए मामले सामने आए और 871 मरीजों ने इसकी वजह से दम तोड़ा। देश में कुल मामलों की संख्या 22,68,675 हो गई है, वहीं 45,257 लोगों की मौत हुई है। सक्रिय मामलों की संख्या 6,39,929 है। इसी तरह उत्तर प्रदेश में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 47,878 हो गई है। इसी तरह राज्य में अब तक 2,120 लोगों की मौत हो चुकी है।