जबलपुर कैंट बोर्ड भू माफियाओं को बचाने के लिए की जा रही है लीपा पोती

जबलपुर। शिवसेना अखिल भारतीय छावनी उत्थान एवं संघर्ष समिति एवं छावनी किसान संघ जबलपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांग की जिसे शिवसेना प्रदेश प्रवक्ता कन्हैया तिवारी ने अपनी प्रमुख मांगों को बताते हुए कहां कि –

  • छावनी परिषद जबलपुर में पिछले दिनों एपीआर कॉलोनी कटंगा जेडीए के भूमि में किए गए यंत्र के तहत अतिक्रमण कर निर्माणाधीन थे उसे अतिक्रमण मुक्त कराकर छावनी परिषद ने यह सिद्ध कर दिया कि उपरोक्त स्थान पर शासकीय भूमि के साथ छेड़छाड़ व खुर्द कर अवैध तरीके से शासकीय भूमि पर छावनी परिषद की आंगनवाड़ी का बोर्ड लगा कर छावनी परिषद शासकीय संस्था की छवि धूमिल की गई और निर्माण कर अवैध तरीके से शासकीय भूमि पर हुए अवैध निर्माण को अवैध तरीके से पेश किया गया है। अपराधिक घटना की एफ आई आर दर्ज कराकर दोषियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई कर दंडित किया जाए और यदि संबंधित ठेकेदार को जांच में दोषी पाया जाता है तो उसे भी तत्काल ब्लैक लिस्टेड उपयुक्त कानूनी कार्रवाई की जाए जिससे कि भविष्य में कोई भी शासकीय भूमि पर इस प्रकार भूमाफिया ना बन सके इस गंभीर प्रकरण की स्पेशल बोर्ड मीटिंग में किसी भी प्रकार की चर्चा तक नहीं की गई प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं है जो कि स्पष्ट नजर आता है कि कैसेट द्वारा अपराधी को छुपाया जा रहा है।
  • सदर मैन रोड अशोक मार्ग जबलपुर में छावनी परिषद की भूमि पर खुर्द खुर्द कर अतिक्रमण व अवैध निर्माण कर शासकीय भूमि पर अवैध तरीके से जिम्मेदार पद पर रहते हुए नियम विरुद्ध किराए पर देकर आय अर्जित करने का प्राप्त किया जा रहा है उसमें सम्मिलित सभी दोषियों अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों पर छावनी परिषद द्वारा एफ आई आर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए उक्त संबंध में हमारे द्वारा दिनांक 03/06/ 2020 को अध्यक्ष ब्रिगेडियर राजेश नेगी जी व अन्य के नाम एक रजिस्ट्री दिनांक 12 साथ 2016 की प्रमाण सहित शिकायत की गई थी इस संबंध में दिनांक 12 साथ 2020 को स्पेशल बोर्ड मीटिंग बुलाकर पार्षद श्याम नरेश अग्रवाल के विरुद्ध अवैध तरीके से खरीद-फरोख्त अतिक्रमण करने का आइटम बोर्ड मीटिंग में रखा गया था जिसके संबंध में सदस्य द्वारा मात्र औपचारिकता के तहत खानापूर्ति कर वास्तविक तथ्य छुपाया जा रहा है।
  • उपरोक्त दोनों प्रकरणों में नियमानुसार कार्यवाही ना किया जाना समझ से परे है जबकि कैंट एक्ट के तहत धारा 247 48 का नोटिस दिया जाना चाहिए था तत्पश्चात धारा 320 एवं पीपी एक्ट 1971 के तहत कार्रवाई किया जाना था परंतु यह सब कानूनी कार्रवाई ना करना प्रकरण पर लीपापोती दर्शाता है अतः आवश्यक कार्यवाही किए जाने की मांग की गई।
  • जबलपुर कैंट बोर्ड में इन प्रकरणों की जांच वास्ते फैक्ट फाइंडिंग कमेटी कौन से नियम के अंतर्गत गठन की गई है एवं उसकी रिपोर्ट के कितने कानूनी अधिकार है यह सब घटना की अनदेखी या लीपापोती दिखाता है जो कि संदेह के घेरे में कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में संदीप जी आर आईएएस मेंबर के रूप में नाम अंकित है उपरोक्त दिनांक पर अनुपस्थित थे अतः आपसे अनुरोध है कि संदीप जी आर जी को निर्देश देने की कृपा करें कि उक्त प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने का सहयोग प्रदान करें।
  • संदेहास्पद बात यह है कि इन प्रकरणों में सभी पार्षदों ने जांच की मांग की थी और अभी 2 पार्षद इसकी जांच कर रहे हैं वे स्वयं ही कलेक्टर महोदय को दिए पत्र में आवेदक हैं इनसे निष्पक्षता की उम्मीद कैसे की जा सकती है साथ ही वे एक राजनीतिक विचारधारा एवं पार्टी के सदस्य भी हैं और इनकी राज्य से लेकर केंद्र तक सरकार है इसलिए इसकी जांच से महिला वाली स्वयं स्पष्ट करती है हाल ही में इनमें से एक सदस्य ने इस्तीफा भी दिया है बोर्ड मीटिंग में पार्षद अमित अग्रवाल भी उपस्थित थे उनके स्वयं के मामले में भी किसी भी प्रकार की आपत्ति ना लेकर अपनी मौन स्वीकृति प्रदान कर अपराधिक कृत्य *इललीगल सेल एंड परचेज के आरोप प्रमाणित कर दिया है इसे बंद कर आपके द्वारा कमेटी बनाकर प्रकरणों की जांच कर कार्रवाई की जाए।

साथ ही कन्हैया तिवारी का कहना है कि उक्त दोनों प्रकरणों में छावनी परिषद अध्यक्ष एवं सीईओ द्वारा टालमटोल की जाती है तो इसे भी अपराध को बढ़ावा देने का दोषी पाकर इनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए क्योंकि पूर्व में भी नर्मदा रोड में घूमती कांड में न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद ही कार्रवाई की गई परंतु असली दोषियों को बचाया गया है अतः आप का हस्तक्षेप करना अनिवार्य है जब जबलपुर कैंट के 24000 मतदाताओं के नाम कैंट की मतदाता सूची से दुर्भावनापूर्ण काटे गए तब कोई कमेटी का गठन नहीं किया गया तो अभी दोषियों को बचाने के लिए क्यों कमेटी को भंग किया जाए एवं उचित कार्रवाई की जाए अन्यथा आंदोलन किया जाएगा।

 

 

ये थे उपस्थित :- 

अपने वालों में पंडित कन्हैया तिवारी प्रदेश प्रवक्ता शिवसेना एडवोकेट द्वारका वर्मा पूर्व उपाध्यक्ष कैंट बोर्ड जबलपुर लिए लाइसेंस पूर्व पार्षद कैंट बोर्ड घनश्याम पासी शादी प्रतिनिधि मंडल सदस्य उपस्थित थे । ज्ञापन की प्रतिलिपि कमिश्नर श्रीमान महेश चौधरी जी जबलपुर संभाग ब्रिगेडियर राजेश नेगी जी अध्यक्ष कैंट बोर्ड जबलपुर सुब्रत पाल मुख्य कार्यपालन अधिकारी जबलपुर एवं श्री संदीप जी अपर कलेक्टर जबलपुर को भी पहुंचाई जाएगी।