बारिश में हर किसी को आकर्षित करती जबलपुर की जलपरी
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शब्द “जलपरी”, जिसे अंग्रेज़ी में मर्मेड कहते है सभी दंत कथाओं के अनुसार यह केवल स्त्रियां ही होती है। आधुनिक युग में जलपरियां समुंदर और लुटेरों की कहानियों में पाई जाती है और कईं बार इन्हे जलगाय, जिन्हे मैनेटी कहते है, के रूप में देखा जाता है। नाविक इन जीवों को डूर से देख कर उन्हे जलपरी समझ बैठते है।

कई बार सोशल मीडिया पर भी जलपरी की तस्वीरें शेयर की जाती हैं। जब-तब जलपरी समुद्र तट पर दिखने की चर्चाएं भी जारी रहती हैं। दरअसल, किस्से कहानियों के मुताबिक जलपरी समुद्र में रहने वाली उस प्रजाति को कहा जाता है जिनका शरीर आधा मछली और आधा लड़की का रहता है। ये देखने बेहद ही खूबसूरत होती हैं।

जलपरी असल में है या नही, ये तो किस्से कहानियों की बातें हैं लेकिन जबलपुर की जलपरी बारिश के दिनों में किसी को भी आकर्षित करने के लिए काफी है। अगर आपको जबलपुर की इस जलपरी देखना है तो रामपुर, शक्तिभवन की ओर रुख कर लिजिए। खूबसूरत नक्काशी और बेहतरीन आर्ट का नमूना यहां आपको नजर आएगा।

वैसे तो अब तक इस जलपरी को भी कई बार नुकसान पहुंचाया जा चुका है। लेकिन कलाकार की शानदार कलाकारी को कभी भी नकारा नही जा सकता। गर्मी के दिनों में सूखी असहाय पड़ी रहने वाली ये जलपरी बारिश के दिनों में चहक उठती है। छलछलाकर पानी जलपरी को छूता हुआ गुजरता है। ऐसे में ये दृश्य काफी मनमोहक प्रतीत होता है। जिसे देखने के लिए लोग यहां शाम के वक्त चाहे अनचाहे आ ही जाते हैं।

कहानियों के अनुसार जलपरियां मधुर धुन में गाना गा कर इंसानों या देवताओं को अपनी ओर आकर्षित करती है जिससे उनका ध्यान भटक जाता है। उनके इस बरताव के कारण कईं इंसान जहाज़ से समुंदर में कूद जाते है या पूरा जहाज़ ही ले डूबते हैं। कुछ कहानियों में जलपरियां डूबते हुए इंसानों की मदद करने के प्रयास में उनकी जान भी ले लेती है।

 

 

यह भी कहा जाता है कि वे इंसानों को अपने जलमग्न विश्व में लेकर जाती है। हांस क्रिश्चन की द लिटल मर्मेड में यह कहा गया है कि जलपरियां यह भुल जाती है कि इंसान पानी के भीतर सांस नहीं ले सकते हैं, कुछ कहानियों के अनुसार वे इंसानों को जानबूझ कर डुबो देती है। जलपरियों का गाना उनके लिए श्राप माना जाता है।

सांस्कृतिक तौर पर जलपरियां बिना कपडों के बताई गई है पर सेंसरशिप के चलते, जो अधिकतर फ़िल्मों में विवाद का विषय होता है, यह प्रयास किया जाता है कि जलपरियों के लम्बे बाल उनके स्तनों को ढक लें। जहां सेंसरशिप की कड़ी शर्तें लागू होती है वहां जलपरियां विभिन्न प्रकार की जल सामग्री, जैसें सिप्पियां या पौधों, से बने कपडे पहनी हुई दिखाई जाती है।