जम्मू कश्मीर: बैलेट के आगे फिर हारा बुलेट, पंचायत चुनाव के चौथे चरण में 71 फीसदी मतदान

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जम्मू कश्मीर में जम्हूरियत के जश्न की तस्वीरे आज एक बार फिर से देखने को मिली जब बड़ी संख्या में राज्य की आवाम घरो से निकलकर पंचायत चुनावो में वोट डालने के लिये निकली… वहीं सुरक्षा बलो ने भी अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाई, सुरक्षा बलो ने 3 आतंकियों को ढेर कर दिया हालांकि एक जवान भी इस मुठभेड में शहीद हो गया।

कश्मीर घाटी में इस वक्त शीत लहर प्रकोप जारी है, लेकिन ऐसे में जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव की ये तस्वीरें लोकतंत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लोगों के जज़्बे की कहानी कहते हैं। नौ चरणों में होने वाले पंचायत चुनाव के लिए मंगलवार को चौथे चरण के लिये 2,600 से अधिक मतदान केंद्रों पर वोट डाले गए। इनमें से 639 मतदान केंद्र कश्मीर संभाग में और 1,979 केंद्र जम्मू संभाग में थे।

जम्मू डिवीजन में कड़ाके की ठंड के बावजूद मतदान तेज़ गति के साथ शुरू हुआ। लोग अपनी बारी का इंतज़ार करते हुए कतारों में खड़े दिखाई दिए। जम्‍मू संभाग के सभी आठ जिलों में 82 प्रतिशत से अधिक तो कश्मीर संभाग में 32 फीसदी से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया।

जम्‍मू जिले में करीब 85 (85.2), डोडा में 84 फीसदी से ज्यादा (84.6), पुंछ, राजौरी और किश्‍तवाड़ जिलों में करीब 82-82 प्रतिशत तथा रामबन और कठुआ जिलों में करीब 81-81 प्रतिशत तथा उधमपुर जिले में करीब 79 (78.9%) प्रतिशत मतदान हुआ। साथ ही कुपवाड़ा जिले में 56 (56.1%) फीसदी से ज्यादा, बारामुला जिले में 62 फीसदी से ज्यादा 62.4 % और बडगाम जैसे जिलों में 46 फीसदी (46.3%) से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया।

इस चरण में 339 सरपंच पदों और 1,749 पंच पदों के लिए कुल 5,470 उम्मीदवार मैदान में हैं। चौथे चरण में 99 सरपंच और 969 वार्ड पंच निर्विरोध चुने जा चुके हैं। चुनाव का पहला चरण 17 नवंबर को हुआ था जिसमें 74.1 फीसदी, 20 नवंबर को हुए दूसरे चरण के चुनाव में 71.1 फीसदी, तीसरे चरण में 75.2 फीसदी मतदान हुआ था।

एक तरफ जम्हूरियत का जश्न है तो इसी जम्मू-कश्मीर में आतंक के रहनुमाओं की भी खैर नहीं लगती। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम और पुलवामा जिले में मंगलवार को हुई दो अलग-अलग मुठभेड़ों में तीन आतंकवादी मारे गए। वहीं इन अभियानों में जहां एक जवान ने अपनी शहादत दी तो दो जवान घायल भी हुए हैं।

सुरक्षा बलों ने कुलगाम के रेडवानी इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद यह अभियान शुरू किया गया था। तलाश के दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोली चला दी, जिसका सुरक्षा बलों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। मुठभेड़ वाली जगह से भारी मात्रा में गोला-बारूद और संदिग्ध दस्तावेज़ भी बरामद किया गया है।

वहीं, एक दूसरे अभियान में पुलवामा जिले के त्राल के हफू इलाके में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में एक अज्ञात आतंकवादी मारा गया। जिसकी अब तक पहचान नहीं हो पाई है। पिछले कुछ समय से आतंकियों पर लगातार दवाब बढ़ता जा रहा है, पिछले रविवार को ही जम्‍मू-कश्‍मीर के शोपियां में 6 आतंकवादी सुरक्षा बलों के हाथों मारे गए थे। ऐसे वक्त में जब सुरक्षा बल आतंकियों पर दवाब बना रही हैं तो आम जनता अपने बैलेट के ज़रिए न सिर्फ आतंक को जवाब दे रही है बल्कि लोकतंत्र की प्रक्रिया को भी मजबूती से आगे बढ़ा रही है।