इस्तीफे में छलका ज्योतिरादित्य का दर्द, लिखा- 1 साल से थी ऐसी स्थिति, कांग्रेस में रहकर देश सेवा नहीं कर पा रहा था

मध्य प्रदेश में सियासी उफान पूरे चरम पर है. कांग्रेस के अहम नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. इस बीच कांग्रेस (Cogress) ने उन्हें पार्टी से बर्खास्त कर दिया. इस्तीफे के बाद बर्खास्तगी का बहुत अधिक महत्व नहीं रह गया. ज्योतिरादित्य सिंधिया किसी भी समय भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं. सिंधिया ने इस्तीफे से पहले पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से मुलाक़ात की. सिंधिया में बीजेपी राज्यसभा भेज सकती है. उन्हें केंद्रीय मंत्री भी बनाया जा सकता है.

अब ये तय माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश में बीजेपी सत्ता में आएगी. सिंधिया के समर्थन वाले विधायक बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. ज्योतिरादित्य सिंधिया का जाना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है. सिंधिया कांग्रेस के अहम नेताओं में थे, लेकिन वह मध्य प्रदेश में काफी समय से अलग-थलग महसूस कर रहे थे. सिंधिया का ये दर्द सोनिया गांधी को भेजे गए इस्तीफे में दिखा.

ज्योतिरादित्य ने अपने इस्तीफ़े में लिखा कि मैं कांग्रेस से अपनी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा दे रहा हूं. मैं पार्टी में पिछले 18 साल से था. अब आगे बढ़ने का समय है. आपको भी अच्छे से पता है कि इसकी लिए राह पिछले एक साल से दिखाई दे रही थी. मेरे समर्थकों और कार्यकर्ताओं की उम्मीदों को पूरा करने के लिए यही ठीक रास्ता है.

सिंधिया ने लिखा कि मैं अब भी अपने राज्य और देश की सेवा के लिए तैयार हूं. यही मेरा उद्देश्य है. और मुझे लगता है कि मैं कांग्रेस में रहकर ऐसा करने में नाकामयाब हो रहा था. ये मेरे समर्थकों और कार्यकर्ताओं को भी लग रहा था. मुझे लगता है कि ये सही समय है और एक नई शुरुआत करनी चाहिए. कांग्रेस पार्टी के साथियों का शुक्रिया, जिन्होंने देश की सेवा करने में मेरा साथ दिया.