काशी: विदेश मंत्री ने कहा रिसर्च, डेवलपमेंट और उच्च शिक्षा का बड़ा केंद्र बन सकता है भारत

काशी में तीन दिवसीय युवा प्रवासी भारतीय सम्मेलन का आगाज, विदेश मंत्री ने कहा- रिसर्च, डेवलपमेंट और उच्च शिक्षा का बड़ा केंद्र बन सकता है भारत। प्रवासी भारतीय देश में व्यापार और निवेश के माहौल को बदलने में सक्षम, 120 से अधिक देशों के प्रवासी भारतीय सम्मेलन में शामिल।

वाराणसी में आज से तीन दिवसीय 15वें प्रवासी भारतीय सम्मेलन का आगाज हो गया। इसका औपचारिक शुभारंभ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह, केंद्रीय सूचना प्रसारण कर्नल राज्यवर्धन राठौर, नार्वे के सांसद हिमांशु गुलाटी, न्यूजीलैंड के सांसद कंवलजीत सिंह बख्शी भी मौजूद रहे।

काशी में पहली बार आयोजित हो रहे सम्मेलन में भाग लेने के लिए दुनिया के 75 देशों के हजारों प्रवासी मेहमान लालपुर स्थित पंडित दीन दयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल में पहुंच रहे हैं। यहां मेहमानों का भारतीय परम्परा के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पहले दिन हस्तकला संकुल में सम्मेलन की थीम ‘नए भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों की भूमिका’ है। सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल करेंगे।

15वें प्रवासी भारतीय दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रवासी भारतीयों का स्वागत किया और कहा कि यह संयोग है कि सभी प्रवासियों को आस्था के महान संगम प्रयागराज में हो रहे कुंभ में जाने का मौका मिला है। साथ ही उन्होंने प्रवासी भारतीयों की तारीफ करते हुए कहा कि विदेशों में उनकी पहचान और मान-सम्मान से भारत का भी सम्मान होता है।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि पहले उच्च शिक्षा और बेहतर जीवन के लिये भारतीय विदेशों में जाना पंसद करते थे। लेकिन अब भारत में ही उच्च स्तरीय शिक्षा संस्थान हैं। विदेश मंत्री ने ये भी कहा कि भारत के होनहार और शिक्षित युवाओं ने हमेशा से दुनियाभर में भारत का गौरव बढ़ाया है।

प्रवासी भारतीय सम्मेलन में सूचना प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने विदेशों से आए प्रवासी भारतीयों के संघर्ष को सलाम करते हुए कहा कि बेहद मुश्किलों सामना करके सभी भारतीयों ने कामयाबी का मुकाम हासिल किया है जो उनकी ताकत औऱ दृढ़ निश्चय को दर्शाता है।