कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह की जमानत याचिका खारिज

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आतंकवादियों को कथित तौर पर धन मुहैया करने से जुड़े धन शोधन (मनी लाउड्रिंग) के एक मामले में कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह की जमानत याचिका बुधवार को खारिज कर दी

दिल्ली की एक अदालत ने 2007 में उजागर हुए एक मामले में आतंकवादियों को कथित तौर पर धन मुहैया करने से जुड़े धन शोधन (मनी लाउड्रिंग) के एक मामले में कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह की जमानत याचिका बुधवार को खारिज कर दी। प्रवर्तन निदेशालय ने इस आरोप को संज्ञान में लिया कि शब्बीर शाह अशांति फैलाने के लिए पाकिस्तान से धन लिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ शर्मा ने शब्बीर की नयी जमानत याचिका खारिज कर दी. उन्होंने मामले की चल रही जांच का हवाला देते हुए पिछले साल अगस्त में भी शब्बीर को राहत देने से इनकार कर दिया था।

अदालत ने ईडी की तरफ से पेश हुए विशेष लोक अभियोजक एन के मट्टा के हलफनामे का संज्ञान लिया कि ‘‘शाह पाकिस्तान से आए अवैध धन के वितरण में संलिप्त थे ताकि जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्से के आतंकवादी संगठनों का वित्त पोषण किया जा सके और अगर उन्हें जमानत पर रिहा किया जाता है तो वह गवाहों को धमकाने में अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सकते हैं.’’

एजेंसी ने कहा कि आगे की जांच जारी है और संपत्तियों की पहचान की जा रही है और राहत दिए जाने पर आरोपी मुकदमे के लिए उपलब्ध नहीं होगा. इसने कहा, ‘‘ईडी धन के लेन-देन का पता लगाने का प्रयास कर रहा है. पाकिस्तान किए गए फोन और मेल के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है और शाह को धन देने वाले लोगों की सूची की पहचान और जांच की जा रही है. अगर इस वक्त उन्हें जमानत दी जाती है तो षड्यंत्र का भंडाफोड़ करने का ईडी का पूरा प्रयास खराब हो जाएगा.