फिल्‍म हैदर में शाहिद कपूर के साथ नजर आया कश्‍मीरी युवा बन गया था लश्‍कर का आतंकी, एनकाउंटर में हुआ ढेर

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श्रीनगर। नौ दिसंबर को जम्‍मू कश्‍मीर के श्रीनगर के बाहरी इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों की मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में तीन आतंकी मारे गए थे और इन आतंकियों में एक जहां बॉलीवुड में काम कर चुका एक्‍टर था तो एक कक्षा नौं में पढ़ने वाला किशोर। साल 2014 में रिलीज हुई फिल्‍म ‘हैदर’ में शाहिद कपूर के साथ नजर आ चुके साकिब अली मुख्‍यधारा से हटकर आतंकवाद से जुड़ गया था। रविवार को बांदीपोर के हाजिन में सुरक्षाबलों की मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में जो आतंकी मारे गए थे उनकी पहचान लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों के तौर पर हुई थी। यह मुठभेड़ करीब 18 घंटे तक चली थी।

मां ने बेटे के लिए खरीदा था ताबीज
जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक साकिब और नौंवी कक्षा में पढ़ने वाला दूसरा छात्र 31 अगस्‍त से घर से गायब हो गए थे। थिएटर आर्टिस्‍ट बिलाल के परिवार वालों को जब तक यह पता लगता कि उनका बेटा आतंकी बन गया है, तब तक काफी देर हो चुकी थी। बिलाल के परिवार ने अपने लाड़ले की घर वापसी के लिए कई प्रयास किए। मां ने अपने बेटे की हिफाजत के लिए एक मौलवी से ताबीज तक बनवाया था। लेकिन कुछ भी काम नहीं आया। बिलाल के मामा ने मीडिया से बात की और बताया कि करीब एक माह से ज्‍यादा तक उन्‍होंने हर हिस्‍से में घर के चिराग को तलाशा और उसका कुछ पता नहीं चल सका।

10वीं कक्षा में तीन विषयों में थी डिस्टिंगक्शन
बिलाल को इंजीनियरिंग में शौक था और परिवार को आज तक यकीन नहीं हो पा रहा है कि आखिर उसने क्‍यों आतंकवाद का रास्‍ता चुना था। बिलाल घर से यह कहकर निकला था कि वह ग्रॉसरी का सामान लेने जा रहा है। लोगों ने उसे बाइक पर दो और लोगों के साथ जाते हुए देखा था। बिलाल ने 10वीं की परीक्षा पास कर ली थी और उसे फिजिक्‍स, केमेस्‍ट्री और गणित में डिस्टिंगक्शन हासिल हुई थी। वह 11वीं कक्षा का छात्र था और फुटबॉल का दीवाना था। इसके अलावा बिलाल को ताइक्‍वांडो और कबड्डी के खेल में भी शौक था। जहां बिलाल एक संपन्‍न परिवार से आता था तो वहीं उसके साथ गायब हुआ दूसरा लड़का गरीब घर से आता था।

थिएटर का भी बेहतरीन आर्टिस्‍ट था बिलाल
बिलाल के परिवार की मानें तो एक्टिंग के शौकीन बिलाल ने विशाल भारद्वाज की फिल्‍म हैदर में छोटा सा रोल भी किया था। उस समय वह छठी कक्षा में पड़ता था। हैदर फिल्‍म में बिलाल दो सीन में नजर आया था। एक सीन में वह बिल्‍कुल चॉकलेट ब्‍वॉय की तरह था तो एक सीन में उसने बस में होने वाले एक हमले को नाकाम करने का शॉट दिया था। बिलाल को थिएटर का भी शौक था। हैदर से पहले उसने एक स्‍टेज शो भी किया और इसकी नाम था ‘वेथ ची याही’ यानी ‘यह एक नदी है ‘ किया था। इसमें बिलाल मेन लीड में था और उसे अवॉर्ड भी मिला था। बिलाल अपने इसी स्‍टेज शो की परफॉर्मेंस देने के लिए ओडिशा भी गया था।

अनजाने में मिली बेटे के आतंकी होने की जानकारी
बिलाल के परिवारवालों को पता नहीं चलता कि उनका बेटा एनकाउंटर में मारा गया है अगर लोग एनकाउंटर वाली जगह को देखने नहीं जाते। दोनों लड़कों की मौत के बाद कश्‍मीर घाटी में गुस्‍सा और दुख की स्थिति है। यहां पर लोग न सिर्फ आतंकी संगठनों से नाराज हैं बल्कि वे सुरक्षाबलों से भी खासे खफा हैं। उनका कहना है कि सुरक्षाबलों को किशोर और नाबालिगों को एनकाउंटर में नहीं मारना चाहिए।