काठमांडू: बिम्सटेक की बैठक में आतंकवाद पर चर्चा

काठमांडू में गुरुवार से बिम्सटेक की 15वीं मंत्रिस्तरीय बैठक शुरू हुई। भारत की तरफ से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज बैठक में शिरकत कर रही हैं। काठमांडू पहुंचने के बाद विदेश मंत्री ने नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा से मुलाक़ात की। नेपाल के पीएम ने आज बिम्सटेक की बैठक की शुरुआत करते हुए आतंकवाद को दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती बताया।

नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने बैठक का उद्घाटन किया। उद्घाटन भाषण में शेर बहादुर देउबा ने दुनिया के सामने आतंकवाद को सबसे बड़ी चुनौती बताया। नेपाल के प्रधानमंत्री ने भारत द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में की जा रही सहायता की सराहना की।

बिम्सटेक में भारत के अलावा बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड जैसे बंगाल की खाड़ी के आस-पास के देश शामिल हैं। नेपाल इस अहम क्षेत्रीय समूह का वर्तमान अध्यक्ष है। दो दिवसीय बैठक में सदस्य देशों के विदेश मंत्री चौदह विभिन्न क्षेत्रों में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही भविष्य में आपसी सहयोग और अधिक बढ़ाने पर भी चर्चा होगी।

इससे पहले जब गुरुवार को दिन में सुषमा स्वराज काठमांडू पहुंचीं, तो त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारतीय राजदूत मंजीव सिंह पुरी और भारतीय दूतावास के अधिकारियों समेत नेपाल के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। काठमांडू पहुंचने के बाद सुषमा स्वराज ने सबसे पहले नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा से शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई। नेपाली पीएम शेर बहादुर देउबा 23 अगस्त को भारत दौरे पर आ रहे हैं। ऐसे में यह मुलाकात काफी अहम मानी जी रही है।

इसके बाद विदेश मंत्री ने नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी से भी मुलाक़ात की। अपनी दो दिवसीय यात्रा में सुषमा स्वराज नेपाल के तमाम अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाक़ात करेंगी। भारत और चीन के बीच डोकलाम पर जारी तनाव के बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज नेपाल दौरे पर हैं। बिम्सटेक के ज्यादातर सदस्य देशों की सीमा चीन से मिलती है। ऐसे में यह बैठक काफी अहम हो जाती है।