केजरीवाल की ‘माफी’ से आप में लगी इस्तीफो की झडी

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नयी दिल्ली@ अकाली नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया से आम आदमी पार्टी(आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के लिखित में माफी मांगने के बाद पार्टी में मचा घमासान बढ़ता ही जा रहा है और पार्टी के नेताओं ने इस्तीफों की झड़ी लगा दी है।

मजीठिया पर मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप लगाने पर मानहानि के मुकदमें का सामना कर रहे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लिखित में माफी मांगी और इसके बाद इस्तीफों का दौर शुरु हुआ। संगरुर से पार्टी विधायक और पंजाब इकाई के अध्यक्ष भगवंत मान के इस्तीफा देने के बाद उपाध्यक्ष अमन अरोड़ा ने भी इस्तीफा दे दिया। यही नहीं पार्टी के सहयोगियों ने भी साथ छोड़ना शुरु कर दिया है। पंजाब विधानसभा चुनाव में आप से गठबंधन कर चुनाव लड़ी लोक इंसाफ पार्टी के दो विधायकों ने अपने को अलग कर लिया है।

माफी से उठे बवाल को शांत करने के लिए आगे आये दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि बातचीत कर और समझा बुझाकर मामले को निपटाया जायेगा। सिसोदिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हम सभी एक साथ है, उनसे बातचीत की जायेगी और वह हमारी बात समझेंगे। पार्टी के प्रमुख और असंतुष्ट नेता कुमार विश्वास ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए ट्वीटर पर लिखा“ हम उस शख्स पर क्या थूकें जो खुद थूक कर चाटने में माहिर है।

कांग्रेस नेता और पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू भी केजरीवाल पर हमला करने में पीछे नहीं रहे। उन्होंने मजीठिया से माफी मांगने को उनकी बुजदिली करार देते हुए इसे पंजाब में आम आदमी पार्टी की हत्या बताया। सिद्धू ने कहा कि मजीठिया से माफी मांगकर केजरीवाल ने बुजदिली का परिचय दिया और यह राज्य के लोगों के साथ धोखा है। मुझे लगता है कि केजरीवाल ने पंजाब में अपनी पार्टी की हत्या कर दी मानो उसका अस्तित्व मिटा दिया गया हो। अब पंजाब में मादक पदार्थों के खिलाफ केजरीवाल किस मुंह से बात करेंगे।’

केजरीवाल के विश्वस्त साथी राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि मजीठिया जैसे लोगों की जगह जेल में है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल के माफी मांगने से काफी लोग नाखुश हैं। न्याय होगा और मजीठिया जैसे लोगों की जगह जेल में है।’

मजीठिया से लिखित में माफी मांगने वाली चिट्ठी में लिखा है कि हाल ही में मैंने आपके खिलाफ कई बयान दिए और आरोप लगाये और जहां तक मादक पदार्थों के कारोबार में आपके लिप्त होने के आरोप हैं यह बयान राजनीतिक बन गया। अब मेरा मानना है कि इन आरोपों में कोई तथ्य नहीं है इसलिए ऐसे मसलों पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए और मैं आपके खिलाफ अपने सभी बयानों और आरोपों को वापस लेते हुए इसके लिए माफी मांगता हूं।