खजुराहो नृत्य समारोह का शुभारंभ

छतरपुर @ 43वें खजुराहो नृत्य समारोह का शुभारंभ खजुराहो में पश्चिम मंदिर समूह के पास मुक्ताकाशी मंच पर अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर किया। शुभारंभ अवसर पर विधायक पुष्पेन्द्रनाथ पाठक एवं आरडी प्रजापति, नगर परिषद खजुराहो की अध्यक्ष श्रीमती कविता सिंह, संस्कृति आयुक्त एवं सचिव राजेश मिश्रा, कलेक्टर रमेश भण्डारी, पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार, उस्ताद अलाउद्दीन खॉं संगीत एवं कला अकादमी के निदेशक पीके झा द्वारा दीप प्रज्जवलित किया गया। खजुराहो नृत्य समारोह का शुभारंभ नई दिल्ली के कलाकार अनुज मिश्रा के कथक नृत्य से हुआ। इसके बाद कोलकाता की कलाकार संचिता भटटाचार्य द्वारा ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति दी गई। अंत में गुड़गांव की जयश्री आचार्य के द्वारा कथक समूह की प्रस्तुति दी गई। शुभारंभ अवसर पर प्रदेश के 10 कलाकारों को 21-21 हजार रूपये के मध्य प्रदेश राज्य रूपंकर कला पुरस्कार प्रदान किये गये।

प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी खजुराहो नृ्त्य समारोह का आयोजन 20 से 26 फरवरी तक किया जायेगा। समारोह के दूसरे दिन 21 फरवरी को गुड़गांव की सगुन भूटानी द्वारा ओडिसी, रायपुर की यास्मीन सिंह द्वारा कथक युगल एवं मुम्बई की दक्षा मशरूवाला द्वारा ओडिसी समूह की प्रस्तुति दी जायेगी। 22 फरवरी को कोयम्बटूर की लावण्या शंकर भरतनाट्यम, गुडगांव की रचना यादव कथक समूह, भुवनेश्वर के सदाशिव प्रधान मयूरभंज छाऊ एवं नोएडा की शिंजिनी कुलकर्णी कथक नृत्य प्रस्तुत करेंगी। 23 फरवरी को कोलकाता के संदीप मलिक एवं नई दिल्ली की शिखा खरे कथक, त्रिचूर की पल्लवी कृष्णन मोहिनीअट्टम समूह एवं यूएसए के कथा डांस थियेटर के साथ रीता मित्रा मुस्तफी कथक समूह नृत्य प्रस्तुत करेंगी।
24 फरवरी को जयपुर की मंजिरी किरण महाजनी एवं भोपाल के रासमणी कथक नृत्य की प्रस्तुति देंगे, जबकि बैंगलोर की रूक्मिणी विजय कुमार भरतनाट्यम एवं दिल्ली के वनश्री राव कुचिपुड़ी समूह नृत्य प्रस्तुत करेंगे। 25 फरवरी को भुवनेश्वर के सौम्य बोस ओडिसी, नई दिल्ली की नीलाक्षी राय कथक, इम्फाल की मानसी थियाम एवं एन. अनुसना देवी मणिपुरी युगल तथा इंदौर की सुचित्रा हरमलकर कथक समूह नृत्य प्रस्तुत करेंगी। नृत्य समारोह के समापन अवसर पर 26 फरवरी को अमित चौधरी एवं बांग्लादेश के कल्पतरू द्वारा भरतनाट्यम त्रेयी, नई दिल्ली की विधा लाल एवं अभिमन्यु लाल द्वारा कथक युगल व गौरी द्विवेदी द्वारा ओडिसी एवं चेन्नई की ज्योत्सना जगन्नाथ भरतनाट्यम की प्रस्तुति देंगी।
सात दिवसीय नृत्य समारोह के अवसर पर मध्य प्रदेश राज्य रूपंकर कला पुरस्कार एवं प्रदर्षनी (अलंकरण), भारतीय नृत्य शैली छाऊ की कला यात्रा (नेपथ्य), ललित कलाओं का मेला (आर्ट मार्ट), देशज कला परम्परा का मेला (हुनर), कलाकार और कलाविदों का संवाद (कलावार्ता), कला परम्परा और कलाकारों पर केंद्रित फिल्मों का उपक्रम (चल चित्र) एवं बांग्लादेश की कला गाथा (अतिथि देवो भवः) भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।