आर्थिक तंगी से उबरने के लिए बनाया बच्चे की किडनैपिंग का प्लान, बच्चे को मार कर अब पहुँच गए जेल
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SP सिद्धार्थ बहुगुणा अपनी टीम के साथ घटना की पूरी कमान सम्हाले हुए थे, फिर बच्चे तक पहुँचने में आखिर पुलिस से चूक कहाँ हुई !

जबलपुर। घटना थाना संजीवनी नगर स्थित धनवंतरी नगर की है जहाँ  दिनाॅक 15-10-2020 को ट्रांसपोर्ट एवं पत्थरों की डीलिंग का व्यवसाय करने वाले एम.आई.जी. धनवंतरी नगर निवासी मुकेश लाम्बा उम्र 41 वर्ष के द्वारा रिपोर्ट दर्ज करायी गयी कि दिनांक 15-10-2020 को शाम को 6-15 बजे उसका बेटा आदित्य लाम्बा उम्र 13 वर्ष का घर के पास वाले दुर्गा मंदिर के मैदान में खेल रहा था जो थोडी देर मे खेल खत्म करके घर आया और अपनी माँ से पचास रुपये लेकर बगल वाली जैन किराना दुकान चिप्स का पैकिट लेने गया था थोडी देर बाद उसकी पत्नी के मोबाईल नम्बर पर काॅल आया कि आपका बच्चा मेरे पास है, तुम पैसों की व्यवस्था कर लो और पुलिस को नही बताना, इतना कहकर फोन काट दिया। रिपोर्ट पर अपराध क्रमंाक 318/2020 धारा 363ए,365 भा.द.वि. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया।

परिजनों से SP सिद्धार्थ बहुगुणा संपर्क बनाये रखे टीम को निर्देश देते

घटना से वरिष्ठ अधिकरियो को अवगत कराया गया। घटित हुई घटना की जानकारी लगते ही पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.), अति. पुलिस अधीक्षक शहर दक्षिण/ अपराध गोपाल प्रसाद खाण्डेल, एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शिवेश सिंह बघेल तथा नगर पुलिस अधीक्षक गोरखपुर आलोक शर्मा, तत्काल पहुंचे । पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा, ने परिजनों से बातचीत करते हुये जानकारी ली, तथा प्रकरण की गम्भीरता को दृष्टिगत रखते हुये अपहृत बालक आदित्य लाम्बा की दस्तयाबी एवं आरोपी की पतासाजी हेतु अलग-अलग टीमों का गठन कर आवश्यक दिशा निर्देश देते हुये लगाया गया।

16 ता. की सुबह 11 बजे पैसों के इंतजाम के बारे मे पूछा

दिनाॅक 15-10-2020 को ही पहले काॅल के लगभग 1 घंटे पश्चात अपहरणकर्ता ने मोबाईल से पुनः फोन कर कहा कि तुम 2 खोखे की व्यवस्था कर लो, पुलिस को सूचना मत देना, लड़का सुरक्षित है, हम आपको कल बतायेंगें की पैसा कहाॅ लाना है, साथ ही अपहृत आदित्य की पिता से बात भी करायी थी जो कि बहुत कम समय की थी। अगले दिन दिनाॅक 16-10-2020 को अपहरणकर्ता ने सुबह लगभग 11 बजे पैसों के इंतजाम के बारे मे पूछा, तब बच्चे के पिता मुकेश लाम्बा ने बोला भाई साहब 8 से 10 लाख रूपये की व्यवस्था हो पायी है, तो अपहृरणकर्ता ने कहा कि इतने से काम नहीं चलेगा, कम से कम एक खोखा की व्यवस्था करो, हम शाम को फोन करेंगे, सिहोरा तरफ अकेले आना है।

यह जानकारी लगते ही पुलिस अधीक्षक जबलपुर सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.), के दिशा निर्देशन में 10 टीमेें गठित कर जबलपुर से लेकर सिहोरा तक सादे कपड़ों में लगायी गयी, तथा सभी टीमों के प्रभारियो को निर्देशित किया गया कि बच्चे की सकुशल वापसी होनी चाहिये ।

पुलिस को सुचना पर अपहरणकर्ता मुकेश लाम्बा को धमकी देते हुए 8 लाख में राजी हो गये पर

दिनाॅक 16-10-2020 को रात लगभग 8 बजे अपहरणकर्ता ने बच्चे के पिता मुकेश लाम्बा के मोबाईल पर फोन किया और पूछा कि कितने पैसो का इंतजाम हुआ है, बच्चे के पिता के द्वारा बताया गया कि 8 लाख रूपये का इंतजाम हो पाया है इससे ज्यादा पैसे मेरे पास नही है, थोडी देर न-नुकुर करने के पश्चात अपहरणकर्ता 8 लाख रूपये मंे राजी हो गये व बच्चे के पिता को अंधमूक बाईपास से सिहोरा की ओर अकेले आने को कहा, साथ ही बोले कि बच्चा आपको बाद में डिलिवर किया जायेगा, पैसा लेने के बाद हमारा एक बंदा धनवंतरी नगर चैक में आपके बच्चे को ड्राप कर देगा, लेकिन बच्चे के पिता एक हाथ से पैसा व दूसरे हाथ से बच्चा देने की बात कर रहे थे, तब अपहरणकर्ताओ द्वारा कहा गया कि आपके पास हमारे उपर विश्वास करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है, अगर आपको अपना बच्चा प्यारा है तो हमारी बात मान लो, और भूल कर भी अगर पुलिस को शामिल किया तो बच्चे को जान से खत्म कर देंगे।

आरोपियों के बतायेनुसार अपहृत बच्चे के पिता रूपये लेकर खजरी खिरिया बाईपास पहुंचे जहाॅ आरोपी अंधेरे में छिपे हुये थे जो देखते ही बोले कि जहाॅ खडे हो वहीं रोड किनारे पैसो का बैग रख दो तो मुकेश लांबा ने 8 लाख रूपये से भरा बैग रख दिया

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.), के मार्गदर्शन में जबलपुर पुलिस का मुख्य लक्ष्य ‘‘अपहृत आदित्य लाम्बा की सकुशल वापसी ’’ हेतु सिहोरा रोड पर लगी समस्त पार्टियो को कुछ न करने के लिये एवं गोपनीय तरीके से निगाह रखने हेतु कहा गया,। इसी बीच आरोपियों के बतायेनुसार अपहृत बच्चे के पिता रूपये लेकर खजरी खिरिया बाईपास पहुंचे जहाॅ आरोपी अंधेरे में छिपे हुये थे जो देखते ही बोले कि जहाॅ खडे हो वहीं रोड किनारे पैसो का बैग रख दो तो मुकेश लांबा ने 8 लाख रूपये से भरा बैग रख दिया तथा बतायेनुसार धनवंतरी नगर चैक पर पहुंच कर बच्चे की वापसी का इंतजार करने लगे ।

कई घंटे बीत जाने के पश्चात जब बच्चा वापस नहीं आया तब पुलिस की सभी टीमें सक्रीय हुई तथा बच्चे की सकुशल वापसी के उद्देश्य से प्राप्त सूचनाओं एवं तकनीकी आधार पर घेराबंदी करते हुये तीन आरोपी 1- राहुल विश्वकर्मा पिता राजेन्द्र विश्वकर्मा उम्र 30 वर्ष , 2- मलय राय पिता धर्मेन्द्र कुमार राय उम्र 25 वर्ष , 3-करण जग्गी पिता मनोहर जग्गी उम्र 24 वर्ष तीनों निवासी महाराजपुर अधारताल को घेराबंदी कर पकड़ा गया ।

पकडे गए आरोपियों से पूछताछ उगला राज

पकड़े गये तीनों आरोपियों से सघन पूछताछ की गयी जिस पर पाया गया कि राहुल एवं मलय ने आज से लगभग 1 माह पहले आपस मे चर्चा के दौरान काम धंधा न मिलने व पैसों की तंगी के कारण किसी बडे आदमी के बच्चे को किडनैप करने का प्लान बनाया, कुछ दिनों बाद राहुल विश्वकर्मा ने मलय राय को बताया कि मैं एक व्यक्ति को जानता हूॅं, उसका एक छोटा बच्चा भी है, पैसे भी मिल जायेगे।

बच्चा सही टारगेट रहेगा

मलय ने पूछा कौन है वह व्यक्ति ? तब राहुल ने बताया कि धनवंतरी नगर निवासी मुकेश लांबा का अच्छा कारोबार है एवं उसका बच्चा आदित्य लांबा 13 साल का है , सही टारगेट रहेगा। इस उद्देश्य को अंजाम देने के लिये आरोपियों ने सर्वप्रथम बेलखाडू क्षेत्र में एक मोबाईल की लूट की तथा छीने हुये उक्त मोबाईल का इस्तेमाल सम्पूर्ण घटना क्रम केा अंजाम देने के लिये किया।

अपना घर बताने के लिए मासूम आदित्य आरोपियों की स्वीफ्ट गाड़ी मे बैठ गया

दिनाॅक 15-10-2020 को पुनः रैकी करने पहुंचे, आदित्य लांबा उन्हें जैन किराना दुकान के सामने दिख गया, योजना के मुताबिक करण जग्गी जो सफेद कलर की स्वीफ्ट में बैठा था, ने आदित्य लाम्बा से कहा बेटा मुकेश लांबा का घर कहाॅ हैं, हम उनके दोस्त हैं, उनके घर जाना है, तब मासूम बालक आदित्य ने बोला ये तो मेरा ही घर है, चलिये मैं आपको बता देता हूूॅं, आप मेरे पीछे आईये फिर थोडी देर रूककर मासूम आदित्य आरोपियों के साथ स्वीफ्ट गाड़ी मे बैठ गया तब आरोपियों ने शातिराना अंदाज में आदित्य का मुंह दबा लिया एवं अंधमूक बाईपास की ओर ले गये तथा अपहृत आदित्य से माॅ का मोबाईल नम्बर पूछा तथा पूर्व में छीने हुये मोबाईल से पैसों के लेन-देन की बात शुरू की, पूरी रात आदित्य को कार मे बरोदा तिराहा, पनागर क्षेत्र में घुमाते रहे, तथा ढाबे मे खाना भी खिलाया।

किराये पर ली अल्टो कार 

दिनाॅक 16-10-2020 की सुबह महाराजपुर अधारताल पहुंचे तथा राहुल उर्फ मेानू विश्वकर्मा के घर के बाजू में खाली पडे मकान में आदित्य को ले गये तथा एक अल्टो कार किराये पर ली एवं दोपहर में पुनः अल्टो कार में बैठाकर कुण्डम बघराजी क्षेत्र में घुमाते रहे, रास्ते में एक होटल में समोसा खाये एवं खिलाये उसी दौरान आदित्य ने राहुल विश्वकर्मा उर्फ मोनू से कहा कि ‘‘अरे अंकल मै तो आपको जानता हूॅ एक बार एक अंकल के साथ घर आये थेे ’’ ।

‘‘ पापा आ जाओ’’ कहलवाते हुये रिकार्डिंग की, फिर गमछें से मुह दबा दिया

वैसे ही अगले दिन मीडिया मे आयी खबरों को देखकर आरोपी घबराये हुये थे, आदित्य द्वारा पहचानने की बात कहने पर तीनो और घबरा गये तथा तीनों ने मिलकर आदित्य की हत्या करने का प्लान बनाया, योजना के मुताबिक शाम को महाराजपुर पहुंचे एवं करण को छोडकर राहुल एवं मलय अल्टो कार में बैठाकर आदित्य को पनागर के आगे जलगाॅव ले गये तथा वहाॅ आदित्य से यह कहलवाते हुये कि ‘‘ पापा आ जाओ’’ रिकार्डिंग की तथा नहर किनारे ले गये एवं आदित्य का हाथ व गमछें से मुह दबा दिया जिससे कुछ ही देर में स्वंास अवरूद्ध होने से आदित्य की मृत्यु हो गयी तो मुंह मे गमछा बांधकर आदित्य के शव को नहर के पानी में फेंक दिये एवं वापस महाराजपुर पहुंचे तथा रात लगभग 9-30 बजे मोबाईल से आदित्य के पिता मुकेश लांबा को फोन लगाकर रिकार्ड की हुई आदित्य की आवाज सुनाकर रूपयों की मांग की थी।

पकड़े गये तीनों आरोपियेां की निशादेही पर अपहृत आदित्य लांबा का शव जलगाॅव मे बरगी नहर से दस्तयाब करते हुये शव का पी.एम कराया गया, प्रकरण में धारा 364, 364ए,302 भा.द.वि. का इजाफा करते हुये घटना में प्रयुक्त 1 मोबाईल एवं आरोपियों के 3 मोबाईल तथा फिरौती के रूप मैं दिये हुये 8 लाख रूपये में से 7 लाख 66 हजार रूपये जप्त किये गये हैं, घटना में प्रयुक्त 2 कार, 1 पल्सर मोटर सायकिल एवं एक्टीवा की बरामदगी हेतु आरोपियों को पुलिस रिमाण्ड पर लिया जा रहा है।