किल कोरोना अभियान : तीसरे दिन 30 हजार 396 घरों के 1 लाख 44 हजार व्यक्तियों के स्वास्थ्य का हुआ सर्वे, अब तक 5.23 लाख लोगों के स्वास्थ्य का सर्वे

जबलपुरकोरोना को समाप्त करने के उद्देश्य से राज्य शासन के निर्देशानुसार एक जुलाई से प्रारंभ किये गये किल कोरोना अभियान के तहत आज तीसरे दिन जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में 30 हजार 396 घरों के 1 लाख 44 हजार 862 व्यक्तियों के स्वास्थ्य का सर्वे किया गया। सर्वे का काम ढाई हजार पायलट टीमों और 371 मुख्य टीमों द्वारा किया जा रहा है। इसमें पांच हजार से अधिक आंगनवाड़ी, आशा, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं ए.एन.एम. को लगाया गया है। सर्वे के कार्य पर प्रशासन एवं पुलिस की टीमों द्वारा भी निगरानी रखी जा रही है।

किल कोरोना अभियान के तीसरे दिन सर्वे दलों द्वारा घर-घर किये गये सर्वे में कोरोना से मिलते जुलते लक्षणों वाले 105 मरीजों को चिंहित किया गया है। जबकि 133 व्यक्ति अन्य रोगों से पीडि़त पाये गये हैं। इसके अलावा 569 गर्भवती महिलाओं एवं टीकाकरण से छूट गये 31 बच्चों  को भी चिंहित किया गया।

इस तरह एक जुलाई से प्रारंभ किये गये पन्द्रह दिनों के किल कोराना अभियान के पहले तीन दिनों में जिले में 1 लाख 04 हजार 243 घरों के 5 लाख 23 हजार 841 व्यक्तियों के स्वास्थ्य का सर्वे किया जा चुका है। इस दौरान कोरोना के लक्षण वाले 265 व्यक्तियों को चिन्हित किया गया है। जबकि अन्य रोगों से पीडि़त पाये गये व्यक्तियों की संख्या 200 है। अभियान के तहत तीन दिनों में 2 हजार 015 गर्भवती महिलाओं एवं टीकाकरण से छूट गये 54 बच्चों की भी पहचान की गई है।

कोरोना वायरस के संक्रमण को समाप्त करने राज्य शासन के निर्देश पर चलाये जा रहे किल कोरोना अभियान के तहत जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना के संदिग्ध मरीजों तथा डेंगू, मलेरिया एवं मौसमी बीमारियों से पीडि़त लोगों का सर्वे किया जा रहा है। पन्द्रह दिनों के इस अभियान के तहत सर्वे दल घर-घर पहुँचकर लोगों से उनके स्वास्थ की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं और कोरोना से मिलते जुलते लक्षणों वाले मरीजों की जानकारी सार्थक मोबाइल एप पर दर्ज कर रहे हैं। 

जरूरत के मुताबिक ऐसे लोगों को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह भी दी जा रही है तथा घर में सुविधा नहीं होने पर उन्हें संस्थागत क्वारन्टीन सेंटर भेजा जा रहा है। सर्वे के दौरान सर्दी, खांसी, बुखार और श्वांस के रोगियों का कोरोना टेस्ट भी किया जा रहा है। कोरोना के सन्दिग्ध मरीजों तथा डेंगू, मलेरिया एवं मौसमी बीमारियों से पीडि़त लोगों के साथ-साथ सर्वे दलों द्वारा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा टीकाकरण से छूट गये बच्चों को भी अभियान के तहत चिन्हित किया जा रहा है ।