जानिए आयुर्वेद में अमृत फल आंवला के औषधीय लाभ?

गुणकारी आंवला एक हरा, चिकना और गूदेदार फल है जो स्वाद में थोड़ा कसैला होता है। लेकिन अपने औषधीय गुणों के कारण ही आंवला को आयुर्वेद में अमृत फल कहा गया है। वैसे हिन्दी में आंवला को आमला, आंवरा भी कहते हैं। आमतौर पर आंवला चूर्ण और आंवला का मुरब्बा बनाकर सबसे ज़्यादा लोग उपयोग करते हैं। कुछ लोग आंवला का अचार या आंवला की चटनी भी बनाकर उपयोग करते हैं।

आंवला कब्ज़, अतिसार, पीलिया, बवासीर, बदहज़मी, खांसी जैसी बीमारियों से शरीर की रक्षा करता है। इसके अलावा यह वात, पित्त और कफ इन तीन दोषों को भी शान्त करता है। आंवला खाने के फ़ायदे अनेक है तथा इसके सेवन से आप अनगिनत बीमारियों से बचे रहेंगे।

गुणकारी आंवला के लाभ

पोषक तत्व :- गुणकारी आंवला फल में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फ़ाइबर, वसा, विटामिन-सी, विटमिन डी, विटामिन बी-1, थायमिन, नियासिन, एस्कार्बिक एसिड, निकोटेनिक एसिड, फ्लेविन, गेलिक एसिड, इलैजिक एसिड और कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, कैरोटिन के अलावा इसमें 80 प्रतिशत पानी पाया जाता है।

विटामिन सी:- आंवला विटामिन सी से भरपूर है इसलिए इसका सेवन स्वास्थ्य की दृष्टि से काफ़ी लाभप्रद माना गया है। यह शरीर में विटामिन सी की कमी को पूरा करता है और शरीर को रोगों से बचाता है। आंवले का एक ख़ास गुण यह है कि इसे पकाने, सुखाने, तलने पर भी इसमें मौजूद सभी पोषक तत्व नष्ट नहीं होते।

बालों को काला, घना, लम्बा और मज़बूत बनाएं
अगर आप अपने बालों को काला, घना, लम्बा, मज़बूत और चमकदार बनाना चाहते हैं। तो अपने बालों को रीठा, शिकाकाई और आंवला से धोएं। इसके अलावा गुणकारी आंवला का तेल भी बालों की ख़ास देखभाल करता है। इसके अलावा बालों को झड़ने से बचाने के लिए 3 चम्मच आंवला रस में 3 चम्मच नारियल तेल मिलाकर बालों की जड़ों में मालिश करने से बालों का झड़ना भी कम हो जाता है।

त्रिफला बनाने में उपयोग

आंवला का उपयोग त्रिफला बनाने में किया जाता है जो कब्ज़ या गैस की समस्या से बचाता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है।

आंवला चूर्ण को खाने के फ़ायदे

एसिडिटी:- एसिडिटी होने पर एक ग्राम आंवला पाउडर में थोड़ी सी चीनी मिलाकर पानी या दूध के साथ लेने से काफ़ी आराम मिलता है।

भूख बढ़ाएं:- एक शोध के अनुसार खाना खाने से पहले आंवले का पाउडर, शहद और मक्खन मिलाकर खाने से भूख अच्छी लगती है।

हिचकी बंद करने के लिए

आंवला पाउडर, कैथा का गूदा और छोटी पीपर के चूर्ण को मिलाकर इसे शहद के साथ चटाने से हिचकियां आना बंद हो जाएंगी।

हाज़मा ठीक रखने के लिए

ताज़ा आंवला, अदरक और हरा धनिया मिलाकर इसको चटनी की तरह पीस लें। इसमें नमक, काला नमक, हींग, जीरा पाउडर और कालीमिर्च पाउडर मिलाकर खाने से डकारें शांत और हाजमा ठीक रहता है।

बुढ़ापा दूर करने के लिए

बुढ़ापा दूर करने और ख़ुद को जवां बनाएं रखने के लिए 100 ग्राम आंवले का पाउडर, 100 ग्राम काले तिल का पाउडर, 50 ग्राम शहद और 100 ग्राम देसी घी को मिलाकर 1 चम्मच प्रतिदिन सुबह एक महीने तक सेवन करने से ज़बरदस्त असर दिखाई देता है।

आंवला रस के फ़ायदे

नेत्र रोग :- आँखों की रोशनी बढ़ाने और मोतियाबिंद की समस्या से निजात पाने के लिए आंवले के रस में शहद मिलाकर पीने से असरकारक लाभ प्राप्त होता है। इसके अलावा आंवला के छिलके को दरदरा कूट कर पानी में भिगो दें और कपड़े से छान कर इसके रस को दिन में तीन बार 2-2 बूंद आंखों में डालने से भी लाभ प्राप्त होता है।

मूत्र रोग:- पेशाब खुल के न होने पर 25 ग्राम आंवले के ताजे रस में एक चुटकी छोटी इलायची का पाउडर मिलाकर पीने से मूत्र रोग में आराम मिलता है।

मोटापा:- प्रतिदिन आंवले के रस में 50 ग्राम शहद मिलाकर सुबह तथा रात को सोते समय पीने से पेट का मोटापा दूर हो जाता है।

सूखी खांसी:- सूखी खांसी होने पर आंवला रस में शहद मिलाकर पीने से फ़ायदा मिलता है।

अनिद्रा:- अगर आप अनिद्रा से परेशान है तो इससे परेशान लोगों को रात में सोने से पहले एक चम्मच आंवले का रस पीने से ज़बरदस्त लाभ प्राप्त होता है।

पीलिया:- पीलिया रोग से निजात पाने के लिए दस दिन तक एक गिलास गन्ने के रस में तीन बड़े चम्मच हरे आंवले का रस और तीन चम्मच शहद मिला कर दिन में दो बार पीने से पीलिया रोग चला जाएगा।

यक़ीनन इतने गुणों को जानने के बाद आप भी यही कहेंगे कि आंवला अमृत के गुणों से भरा है। जिसके नियमित सेवन से आप स्वास्थ्य और रोग मुक्त रहेंगें।