सिंहस्थ में बन रही स्वयं की तस्वीर से डाक-टिकिट
भोपाल :
भारतीय डाक तार विभाग द्वारा सिंहस्थ मेले में श्रद्धालुओं को स्वयं की तस्वीर के
साथ डाक-टिकिट बनवाने की सुविधा मुहैया करवाई जा रही है। बहुत से श्रद्धालु इस
सुविधा का लाभ उठाकर अपना डाक-टिकिट बनवा रहे हैं। वे यह भी कहते सुने गये हैं कि
हम इस डाक-टिकिट से अपने प्रिय को चिट्ठी जरूर भेजेंगे।
सिंहस्थ के
दिव्यत्व में समाये श्रद्धालु विविध प्रकार की स्मृतियाँ संजो रहे हैं। कोई रामघाट,
कोई मोक्षदायिनी क्षिप्रा के अन्य घाटों,
तो कोई विलक्षण जीवन-शैली में डूबे साधु-संतों के साथ
सेल्फी लेकर सिंहस्थ की स्मृतियाँ अपने साथ लेकर जा रहा है। भारतीय डाक-तार विभाग
ने भी ‘माय स्टाम्प योजना” के माध्यम से पवित्र सलिला क्षिप्रा के घाट के साथ स्वयं का
फोटोयुक्त डाक टिकिट तैयार करवाने का अवसर श्रद्धालुओं को उपलब्ध करवाया है।
श्रद्धालुओं के डाक टिकिट बनाने के लिए डाक-तार विभाग द्वारा सिंहस्थ मेला परिसर
में 5 काउण्टर स्थापित किये गये हैं।
काउण्टर पर
श्रद्धालु फोटोग्राफ देकर अथवा मौके पर ही फोटो खिंचवाकर अपना डाक-टिकिट तैयार
करवा सकते हैं। अब तक 1450 से अधिक श्रद्धालु अपने और परिजन के डाक टिकिट तैयार
करवा चुके हैं। डाक टिकिटों की वैधानिकता सामान्य डाक टिकिटों की तरह ही है।
अर्थात ‘माय स्टाम्प योजना” में तैयार करवाये गये डाक-टिकिटों के माध्यम से भी
चिट्ठी-पत्रियाँ भेजी जा सकती हैं। योजना में 300 रुपये में एक दर्जन डाक-टिकिट
तैयार किए जाते हैं। डाक भेजने के लिए प्रत्येक डाक टिकिट का मूल्य 5 रुपये रहेगा।
सिंहस्थ मेला
परिसर में रुद्रसागर, दत्त अखाड़ा, मंगलनाथ, भेरूगढ़ पोस्ट ऑफिस और महाकाल प्रांगण में ‘माय स्टाम्प योजना” के काउण्टर संचालित हैं।

स्वयं का डाक
टिकिट तैयार करवाने वाले सागर निवासी श्री अरूण कुमार कहते हैं कि पहले देश की
महान विभूतियों के डाक टिकिट जारी होते थे। पर सरकार ने अब आम आदमी के लिए यह
सुविधा मुहैया करवाकर अच्छी पहल की है। रीवा के श्री बी.के. मिश्रा,
भोपाल के श्री मनोज पाण्डेय, नई दिल्ली के श्री लाभांश श्रीवास्तव और भिण्ड के श्री
बालेन्द्र कहते हैं कि सिंहस्थ में बनवाए कुछ डाक टिकिट हमेशा के लिए संजो कर
रखेंगें और कुछ डाक-टिकिट के जरिए प्रियजनों को चिट्ठी भेजेंगे।