लेबर रजिस्टरों की संख्या 56 से घटाकर 5 की गई

सरकार ने उद्योगों खासतौर से छोटे कारोबारियों के लिये श्रम नियमों को बेहद आसान बनाया है। इसी कड़ी में नियमों में बदलाव करते हुए सरकार ने विभिन्न संस्थानों में रखे जाने वाले लेबर रजिस्टरों की संख्या 56 से घटाकर सिर्फ 5 कर दी है।

दरअसल इन रजिस्टरों में संस्थान में काम करने वाले लोगों या उसके अकाउंट के बारे में जानकारी दर्ज होती थी। कई बार रजिस्टर अपडेटेड ना होने से लोगों को परेशानियों का सामना भी करना पड़ता था।

रखरखाव से जुड़े नियमों को सुविधाजनक बनाया है। इसका लाभ कृषि औऱ गैर कृष क्षेत्र के करीब 5 करोड़ 85 लाख संस्थानों को मिलेगा। अब 56 के बदले सिर्फ 5 रजिस्टरों से ना केवल रखरखाव की सुविधा होगी बल्कि श्रम कानूनों के पालन में भी आसानी होगी।

इसके साथ-साथ श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने इन 5 सामान्य रजिस्टरों के लिए एक सॉफ्टवेयर विकसित करने का कार्य भी शुरू किया है। सॉफ्टवेयर के विकसित हो जाने के बाद इसे उद्योगों को निःशुल्क डाउनलोड की सुविधा मिलेगी।

इसका उद्देश्य डिजिटल रूप में इन रजिस्टरों का रखरखाव सुनिश्चित करना है निःशुल्क डाउनलोड की सुविधा मिलेगी है। उद्योग जगत औऱ छोटे कारोबारियो ने स्वागत किया।