स्वरोजगार स्थापना हेतु ऋण मिलेगा

छतरपुर | जिला अंत्यावसायी समिति द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। रोजगार अधिकारी एवं समिति के प्रभारी सीईओ एस.के. जैन ने बताया कि वर्ष 2017-18 के दौरान मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 300 व्यक्तियों को लाभांवित किया जाना है। इस योजना में अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को स्वयं का उद्योग, सेवा अथवा व्यवसाय स्थापित करने के लिये बैंकों के माध्यम से न्यूनतम 20 हजार रूपए से अधिकतम 10 लाख रूपए तक का ऋण स्वीकृत किया जाएगा। स्वीकृत ऋण पर 30 प्रतिशत मार्जिन मनी सहायता एवं ब्याज अनुदान व गारंटी शुल्क देय होगा। योजना के लाभ के लिये आवेदक की उम्र 18 से 45 वर्ष के मध्य होना चाहिए तथा न्यूनतम कक्षा 5वीं उत्तीर्ण होना चाहिए।

इसी तरह मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के तहत 100 व्यक्तियों को लाभांवित किया जाना है। इस योजना में लघु व्यवसाय जैसे जूता मरम्मत, सब्जी विक्रय, रिक्षा चालक, मनिहारी दुकान, छोटी किराना दुकान, हाथ ठेला, फल विक्रय, चाय की दुकान, हाट बाजारों की दुकान, हवा पंचर दुकान, वाहन मरम्मत दुकान एवं मोबाइल मरम्मत दुकान के लिये अधिकतम 50 हजार रूपये तक का ऋण दिया जायेगा तथा विभाग द्वारा ऋण का 30 प्रतिशत एवं अधिकतम 15 हजार रूपये की मार्जिन मनी सहायता राशि प्रदान की जायेगी। योजना के लाभ के लिये आवेदक आयु 18 से 55 वर्ष के मध्य होना चाहिये एवं आवेदक को बीपीएल श्रेणी में होना चाहिये।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 2 व्यक्तियों को लाभांवित करने का लक्ष्य है। इस योजना में स्वयं का उद्योग स्थापित करने के लिये बैंक के माध्यम से न्यूनतम 10 लाख रूपये तथा अधिकतम 1 करोड़ रूपये की राशि हितग्राही को प्रदान की जायेगी। हितग्राही को मार्जिन मनी सहायता, ब्याज अनुदान, ऋण गारंटी एवं प्रशिक्षण का लाभ प्रदान किया जायेगा। इस योजना में हितग्राही मध्य प्रदेश के भीतर कहीं भी अपना उद्योग स्थापित कर सकता है। इसके लिये आवेदक को न्यूनतम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिये तथा आयु सीमा 18 से 40 वर्ष के मध्य होना आवश्यक है। इस योजना के तहत आवेदक केवल एक बार ही सहायता के लिये पात्र होगा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिये कलेक्ट्रेट के कक्ष क्रमांक 27 में स्थित जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के कार्यालय में सम्पर्क किया जा सकता है। ऋण के आवेदन पत्र प्रत्येक सोमवार एवं मंगलवार को जमा किये जायेंगे।

म.प्र. राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग की गरीबी रेखा श्रेणी की महिलाओं को सामूहिक स्वरोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सावित्री बाई फुले स्वसहायता समूह योजना का संचालन भी किया जा रहा है। योजना के तहत वर्ष 2017-18 में 5 समूहों को लाभांवित किया जायेगा। इस योजना में प्रति महिला को अधिकतम 2 लाख रूपये का ऋण एवं विशेष केंद्रीय सहायता मद के तहत 10 हजार रूपये का अनुदान उपलब्ध कराया जायेगा। महिला सदस्यों की उम्र 18 से 55 वर्ष के मध्य होना चाहिये तथा शहरी क्षेत्र में महिला की आय 55 हजार रूपये एवं ग्रामीण क्षेत्र में 40 हजार रूपये से अधिक नहीं होना चाहिये। एक परिवार से एक महिला सदस्य ही पात्र होगी, जबकि समूह में 5 से 10 महिला सदस्य हो सकती हैं। समूह का पंजीयन ग्रामीण विकास विभाग अथवा जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति अथवा महिला बाल विकास विभाग में कराया जा सकता है।