“मातृ दिवस “पर मां की इच्छा पूर्ण करने के लिए {लॉक डाउन} मे सीमित दूरी रखकर की शादी

प्रयागराज: प्रयागराज,वैश्विक महामारी कोरोना से आज पूरा देश परेशान है| और इस  महामारी को जड़ से खत्म करने के लिए भारत का एक-एक नागरिक सरकार को  अपना पूर्ण समर्थन, सहयोग दे रहा है| ऐसे में आती है बात मां के ममता की और मां की इच्छा को पूर्ण करने की  भारत वर्ष में सबसे ऊंचा दर्जा किसी को दिया गया है|

मंदिर में शादी की रस्म पूर्ण करते आकाश कुमार आर्या और पूर्णिमा आर्या

 वह है मां 1 वर्ष में 365 दिन और 365 दिन में एक दिन मां के नाम समर्पित है| जिसे मातृ दिवस कहा जाता है| जो मां की ममता के लिए समर्पित है|इसी मातृ दिवस पर प्रयागराज के आकाश कुमार आर्या पुत्र स्वर्गीय बालगोविंद ने बीमार मां की इच्छा पूर्ण करने के लिए अपनी सभी इच्छाओं को दरकिनार करते हुए लॉक डाउन के दौरान उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए| प्रयागराज प्रशासन से अनुमति लेकर दोनों पक्ष के परिवार के 8 लोगों की मौजूदगी में पुरोहित द्वारा लग्न मुहूर्त निर्धारित समय 10 मई को मातृ दिवस के अवसर पर विवाह संपन्न हुआ| इस विवाह में क्रेंद्र सरकार और प्रदेश सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पूरी तरीके से पालन किया गया| जिसमें मास्क, और सैनिटाइजर, सीमित दूरी बनाकर- न्यू कटरा बेली रोड स्थित  सौम्या माता मंदिर में विवाह संपन्न हुआ| आपको बता दें कि आकाश कुमार आर्या के पिताजी स्वर्गीय बालगोविंद ने कुछ महीने पहले आकाश कुमार आर्या कि शादी पूर्णिमा आर्या से करने की बात पक्की की थी| इसी दौरान आकाश के पिता की रोड एक्सीडेंट में मृत्यु हो गई| और आकाश की मां इंद्रावती गंभीर रूप से घायल हो गई| जिनका इलाज अभी भी चल रहा है| बीमार मां ने  अपनी मौजूदगी में अपने बेटे और बहू को गृहस्थ जीवन में देखने की इच्छा जाहिर की आकाश कुमार आर्या ने अपनी मां की इच्छा पूर्ण करने हेतु अपनी सारी इच्छाओं को दरकिनार करते हुए पूर्णिमा आर्या से 10 मई मातृ दिवस पर शादी करने की अनुमति प्रयागराज प्रशासन से मांगी प्रयागराज प्रशासन ने आकाश कुमार आर्या को लॉक डाउन के नियमों का पालन करते हुए शादी करने की अनुमति प्रदान की| जिसे आकाश कुमार आर्या  और पूर्णिमा आर्या के परिवार के लोगों ने प्रशासन के द्वारा जारी नियमों का पूरी तरीके से पालन किया| और सिर्फ 8 लोगों की मौजूदगी में शादी को संपन्न किया|शादी संपन्न होने के बाद आकाश कुमार आर्या और पूर्णिमा आर्या अपनी बीमार मां के पास पहुंचे तो उनकी मां की आंख नम हो गई|आकाश कुमार आर्या ने अपनी मां की इच्छा को पूर्ण किया और खुद गृहस्थ जीवन की शुरुआत की आकाश कुमार आर्या ने मां और मां की ममता के प्रति मातृ दिवस पर समाज को एक संदेश दिया है जो एक मिसाल साबित होती है|