श्योपुर में किलकारियों के साथ जन्म हुआ ‘लॉकडाउन’ का

श्योपुर@ कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए पिछले कई दिनों से पूरे देश में लॉकडाउन (Lockdown) है. साथ ही कोरोना को हराने के लिए हमारे देश के चिकित्साकर्मी और पुलिस के जवान दिन-रात काम कर रहे हैं. वहीं, आम जनता भी इस लड़ाई में पीछे नहीं हैं. देश के कई राज्यों में ऐसे मामले सामने आए हैं कि नवजात के जन्म लेने के बाद माता-पिता ने बच्चे का नाम कोरोना या लॉकडाउन रख दिया.

फिलहाल, ताजा मामला मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले (Sheopur District) का है. यहां के कराहल के सरजूपुरा बछेरी गांव में सोमवार को एक महिला को प्रसव पीड़ा उठी. इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. शाम को महिला ने एक स्वस्थ्य बच्चे का जन्म दिया. बच्चे की किलकारी सुनने के बाद माता-पिता को खुशी का ठीकाना नहीं रहा. इसके साथ ही बच्चे के पिता ने अपने बेटे का नामकरण भी तुरंत कर दिया.

दैनिक भास्कर के मुताबिक, सरजूपुरा बछेरी गांव निवासी 24 साल की गर्भवती मंजू माली को प्रसव पीड़ा शुरू हुई. परिजन उसे लेकर शहर के निजी अस्पताल में पहुंचे, जहां शाम करीब 5 बजे उसने बेटे को जन्म दिया. ऐसे में बच्चे के पिता रघुनाथ माली ने अपने बेटे का नाम लॉकडाउन रख दिया.

रघुनाथ माली ने बताया कि लोग प्रधानमंत्री की अपील का पालन करें और लॉकडाउन न तोड़े. माली का कहना है कि कोरोना एक दिन हारेगा और देश जीतेगा. उनकी माने तो कोरोना की खिलाफ जारी लड़ाई को यादगार बनाने के लिए उन्होंने अपने बेटे का नाम लॉकडाउन रखा है.

बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में होमगार्ड विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी ने अपने नवजात शिशु का नाम कोरोना रखा है. जिले के उभांव थाना क्षेत्र के बिल्थरा रोड पुलिस चौकी पर होमगार्ड पद पर कार्यरत रियाजुद्दीन की पत्नी शमा परवीन ने पबीते शुक्रवार रात बिल्थरा रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बेटे को जन्म दिया.

रियाजुद्दीन ने बताया कि उन्होंने अपने नवजात शिशु का नाम कोरोना रखा है. बच्चे का नाम कोरोना रखने के बारे में सवाल किया जाने पर रियाजुद्दीन ने कहा कि वर्तमान समय में समूचा विश्व कोरोना वायरस से कराह रहा है. ऐसे में ‘मेरा बेटा सन्देश देने का काम करेगा कि लोग कोरोना से बचाव को लेकर चौकसी बरते.

ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ से भी आया था, जहां एक दंपती ने अपने नवजान बच्चों का नाम ‘कोरोना’ और ‘कोविड’ रखा है. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के डॉक्टर भीमराव अंबेडकर अस्पताल में 26-27 मार्च की रात में देशव्यापी लॉकडाउन के बीच प्रीति वर्मा ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया.

विपरीत परिस्थितियों का सामना कर अस्पताल तक पहुंचे दंपती ने अपने बच्चों का नाम कोरोना वायरस के नाम पर कोरोना और कोविड रख दिया है. माता-पिता का कहना है कि बच्चों का नाम उनकी परेशानियों पर जीत और अस्पताल के सहयोग, दोनों को याद दिलाते रहेंगे. हालांकि, दंपती ने यह भी कहा कि वे बाद में बच्चों के नाम बदल सकते हैं.