वुमंस डे का तोहफा: अब 12 की जगह मिलेगी 26 हफ्ते की मैटरनिटी लीव, संसद में पास हुआ बिल

नई दिल्ली: सरकार ने महिलाओं को वुमंस डे का तोहफा दिया है। प्रेग्नेंट महिलाओं को मैटरनिटी लीव से जुड़ा संशोधित बिल गुरूवार (09 मार्च) को संसद में पास हो गया। अब पहले दो बच्चों के लिए 26 हफ्ते की मैटरनिटी लीव मिल सकेगी, इससे पहले यह 12 हफ्ते थी।

हालांकि तीसरे या इससे ज्यादा बच्चों के लिए नए नियमों का फायदा नहीं मिलेगा। नियमों को नहीं मानने पर इम्प्लाॅयर्स को 3 से 6 महीने की सजा और पांच हजार रुपए का जुर्माने हो सकता है।

यह नियम 10 या इससे ज्यादा इम्पलाॅई वाली संस्थाओं पर लागू होंगे। मैटरनिटी बेनिफिट (एमेंडमेंट) बिल, 2016 पिछले साल अगस्त में राज्यसभा में पास होने के बाद इसे लोकसभा में रखा गया था।

बता दें कि मैटरनिटी बेनिफिट एक्ट, 1961 के मुताबिक, देश की हर वर्किंग वुमंस को प्रेग्नेंसी के दौरान बच्चे की देखरेख के लिए छुट्टी मिलती है। इन दौरान उसे पूरी सैलरी देने का नियम है।

लेबर मिनिस्टर बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि पुराने नियमों को बदलते हुए सरकार ने प्रेग्नेंट महिलाओं को ज्यादा फायदा और आराम देने की कोशिश की। वुमंस डे के मौके पर यह उनके लिए मेरा गिफ्ट है।

कानूनी तरीके से 3 महीने की उम्र का बच्चा गोद लेने वाली महिलाओं और सरोगेट मदर को भी 12 हफ्ते की छुट्टी देने की बात कही गई है। 50 से ज्यादा इम्प्लाॅई वाले ऑफिस के आसपास क्रेच का इंजताम होना चाहिए।

कोई महिला दिन में 4 बार बच्चे से मिलने क्रेच जा सकती है। महिला चाहे तो मैटरनिटी लीव खत्म होने के बाद घर से ही काम करने की अर्जी दे सकती है। यह कंपनी के काम के नेचर पर डिपेंड करेगा।