यूपी मॉडल की ओर अब “मध्य प्रदेश”

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ये तस्वीर उत्तर प्रदेश की नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के उज्जैन की है। जब उज्जैन के मुस्लिम बहुल “बेगम बाग” इलाके में राम भक्तों पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई तो उसका परिणाम हुआ यह ढहती हुई इमारत जिसे एक किले के तौर पर उपयोग करते हुए शांतिदूतों ने पत्थरबाजी की थी।

 

ये घटना तब की है जब मध्य प्रदेश के कुछ स्थानीय हिंदू संगठनों ने अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर के लिए चंदा इकट्ठा करने की योजना बनाई, इसके लिए उन्होंने पूरे उज्जैन शहर में घूम घूम कर लोगों से चंदा इकट्ठा करने का कार्यक्रम बनाया। ये कार्यक्रम बिल्कुल शांतिपूर्वक तरीके से चल रहा था, जबतक उनका समूह बेगम बाग के इलाके तक नहीं पहुंचा।

 

जैसे ही यह कार्यक्रम इस इलाके में पहुंचा, तो वहां के स्थानीय लोगों को ये बात पसंद नहीं आई और अराजकता के अपने पुराने स्वभाव का परिचय देते हुए उन्होंने भीड़ पर पत्थरबाजी करना शुरू कर दिया, क्या बच्चे क्या महिलाएं, शांतिदूतों के पूरे जमात ने एकसाथ पत्थरों से हमला बोल दिया, इसके लिए उपयोग में लिया गया इस मकान का छत जिसे बताया जा रहा है कि इसे गैर कानूनी तरीके से बनवाया गया है।

यह घटना जिसमें 10 से अधिक लोग घायल हुए और कई गाड़ियां छतिग्रस्त हुई, इसपर उज्जैन के प्रशासन ने तत्काल कार्यवाही करते हुए पूर्व से अपराधिक रिकॉर्ड रखने वाले चार शांतिदूतों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया और पत्थरबाजी के उपयोग में लाई गई इस इमारत पर बुलडोजर चलवा दिया, ये मकान वैसे तो अवैध था लेकिन शहर काजी के दबाव में आकर स्थानीय प्रशासन इसपर कार्यवाही नहीं कर रहा था, हालांकि अब इसका स्थाई समाधान कर दिया गया है।

कुछ दिन पहले ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा था कि “मामा अब फॉर्म में है माफिया सुधर जाएं या मध्य प्रदेश छोड़कर चले जाएं अन्यथा उन्हें जमीन के 10 फीट नीचे गाड़ दिया जाएगा” और अब यह खबर सामने आ रही है। अब, कागज तैयार नहीं रखने का यही नतीजा होता है, अगर घर के कागज तैयार रखते तो यह नौबत नहीं आती, कागज नहीं दिखाएंगे, छत और मकान तुड़वाएंगे, अच्छा है।