मप्र लोकसेवा आयोग की परीक्षा में सामने आई बड़ी गड़बड़ी

भोपाल। मप्र लोकसेवा आयोग में गड़बड़ी होना कोई नई बात नहीं। इसी कड़ी में एक और बड़ी गड़बड़ी सामने आई हैं। बीते 12 फरवरी को मप्र लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में एक नहीं बल्कि छह गलतियां सामने आई हैं। सामान्य अध्ययन पेपर के मॉडल आंसर जारी होने के बाद छह सवालों के उत्तर पर सवाल उठने लगे हैं।

परीक्षार्थियों का मानना हैं की परीक्षा में पूछे गए लगभग छह सवाल गलत हैं। हालांकि यह पहली बार नहीं हैं इसके पहले भी कई गलतियां सामने आ चुकी हैं। इसके पहले भी सूचना का अधिकार आंदोलन के संयोजक और आरटीआई कार्यकर्ता अजय दुबे ने कहा की परीक्षा में पूछे गए एक सवाल पर आपत्ति जताई थी।

दुबे ने कहा हैं की संवैधानिक संस्था मप्र लोकसेवा आयोग घोटाले और अनियमितताओं के कारण पहले से ही बदनाम है। और आयोजित परीक्षा में नागरिकों के संवैधानिक अधिकार अनुच्छेद 19 का अपमान किया है। अपमान करते हुए विधि विरूद्ध प्रश्न क्रमांक 79 पूछा सरकारी अधिकारी होने के नाते जानकारी का दुरुपयोग होने की संभावना पर प्रकरण कैसे करेंगे। इसके अलावा एक सवाल के गलत होने पर आयोग द्वारा पहले ही हटा दिया गया था।

वो सवाल था कि मांडू में स्थित जंतर महल का निर्माण किस शासक ने करवाया था। इसमें जंतर महल की जगह जहाज महल होना चाहिए था। इस सवाल के हटने के बाद कुल 100 के बजाए 99 प्रश्नों में से मार्किंग होनी थी। लेकिन परीक्षार्थियों ने छह अन्य प्रश्नों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षार्थियों ने इन सवालों को हटाकर मार्किंग करने की मांग की है। इससे पहले वर्ष 2013 में 14, 2014 में 7, 2015 में 5 और 2016 में 4 प्रश्न गलत पूछने की बात कही जा रही है।