महाशिवरात्रि और एकता महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम दौर में

बाबा घुइसरनाथधाम प्रतापगढ़ : घुइसरनाथ धाम में महाशिवरात्रि के मौके पर प्रतिवर्ष विशाल मेला लगता है। इसी पर्व पर यहां राष्ट्रीय एकता महोत्सव का भी आयोजन होता है। इसको लेकर यहां भारी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ दर्शकों की भीड़ भी जुटती है। इसे संभालने में प्रशासन के हाथ पांव फूल जाते हैं।

मेले की तैयारी में प्रशासन के आदेश पर सम्बंधित विभागों के कर्मचारी मुस्तैद है। अस्थायी शौचालयों का निर्माण होचुका है। पेयजल की ब्यवस्था के मद्देनजर पूरे मेला क्षेत्र में अस्थायी पानी की टोटियां लगायी जा रही हैं। पूरे मेला क्षेत्र में लगे विद्युत के खम्भों में लाइट की ब्यवस्था की गयी है। मेले में सुरक्षा के मद्देनजर वैरीकेटिंग की व्यवस्था रहेगी। इंका डभियार व देऊम पश्चिम चौराहे से चार पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम रहेंगे।मेले में दूर दराज के दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों को अंतिम रुप दे रहे हैं।

मेले में सज गई हैं सैकड़ों दुकाने
गंगासागर भी पानी से लबालब नजर आ रहा है। जलाभिषेक के लिए बोतलों पर प्रतिबंध पहले से ही लगाया गया है। इसको लेकर मिट्टी के बर्तन बेचने वाले दुकानदारों की भी खूब चांदी है। मेला क्षेत्र में बुधवार की शाम से रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर आदि जनपदों से आने वाले श्रद्धालुओं व कावंड़ियों की भीड़ लगनी शुरू हो गई। बाबा धाम के महंथ मयंकभाल गिरि ने बताया कि महाशिवरात्रि पर रात्रि के तीन बजे से भगवान शंकर की आरती पूजन कर श्रद्धालुओं को जलाभिषेक के लिए मंदिर का कपाट खोल दिया जाएगा।

जिलाप्रशासन मेले की तैयारी को लेकर गम्भीर
एकता महोत्सव के साथ-साथ शिवरात्रि के मौके पर यहां लगने वाले विशाल मेले के साथ लांखों की संख्या में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ की चिंता को लेकर प्रशासन बुधवार को खासा चौकन्ना दिखा। मंदिर के मुख्य द्वार पर बैरिकेडिंग के साथ महिलाओं व पुरुष श्रद्धालुओं की अलग-अलग कतार लगवाने की व्यवस्था की गई है। समीप ही सई नदी में स्नान करने के लिए जुटने वाली भीड़ को भी संभालने में पुलिस के पसीने छूटेंगे। यहां पुलिसबल के साथ-साथ गोताखोर की भी तैनाती की गई है।

प्रशासन ने मेला क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। मंदिर परिसर की ओर आने वाले दोनों रास्तों पर पुलिस का कड़ा पहरा रहेगा। उधर सैकड़ों की संख्या में दुकानदार मेला परिसर में पहुंच गए हैं। झूले व तरह-तरह के खेल दिखाने वाले कलाकार भी मेले की रौनक बढ़ाने के लिए तैयार हैं।

स्थानीय बाबा धाम में उमड़ने वाले श्रद्धालुओं के हुजूम को संभालने का जिम्मा पुलिस के साथ-साथ स्वयं सेवकों का भी होगा। भीड़ को संभालने के लिए प्रशासन ने सर्किल के फोर्स के साथ एक प्लाटून पीएसी, महिला पुलिस, ट्रैफिक पुलिस की भारी भरकम तैनाती की है। पुलिस के साथ बाबा घुइसरनाथ सामाजिक सेवा संस्थान व बज्राज के कार्यकर्ता भी श्रद्धालुओं की मदद के लिए तैनात रहेंगे।

बाबा धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिए प्रशासन ने रूट डाईवर्जन करने का प्लान तैयार किया है। इसके तहत सांगीपुर से आने वाले वाहनों को देउम चौराहे से रानीगंज कैथौला की तरफ मोड़ दिया जाएगा। लालगंज की ओर से आने वाले वाहनों को गंजेहड़ी मोड़ से पिचूरा भोजपुर के रास्ते देउम चौराहे की ओर भेजा जाएगा। साथ ही किठावर तरफ जाने वाले लोगों को डभियार के रास्ते भेज दिया जाएगा।

क्या है एकता महोत्सव
एकता महोत्सव का आयोजन ३ दिनो तक चलता है जिसमे देश विदेश से आए हुए कलाकार भाग लेते है और अपनी कला का प्रदर्शन करते है । एकता महोत्सव का आयोजन, महा शिवरात्रि के दिन से प्रारंभ होता है । महाशिवरात्रि की रात्रि में केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये जाते हैं और बाबा घुश्मेश्वर जी का गुणगान गया जाता है और बाबा धाम की कृपा से मंदिर क्षेत्र के विकास की रूपरेखा भक्तो के सामने प्रस्तुत की जाती है । पर्यटन विभाग की धाम विकास की योजनाओं को इसी महोत्सव में राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी व सांसद रत्ना सिंह जी भक्तों से परिचित कराते हैं । अभी तक आयोजित हुए एकता महोत्सव मे देश के मशहूर कलाकार मनोज तिवारी, जूनियर मनोज तिवारी, रवि त्रिपाठी, जादूगर सरकार, दिवाकर द्विवेदी और तृप्ति शाकया जैसे नामचीनों ने अपने कला का हुनर दिखाया है ।

एकता महोत्सव मे भक्त अपने बाबा घुइसरनाथ को दूध, जल, पुष्प, बेल पत्र अर्पित कर, यहा भक्त निवास मे रुककर रात्रि मे आयोजित रंगारंग कायक्रम का आनन्द उठाते है। एकता महोत्सव के आयोजन को सफलतम बनाने मे यहाँ प्रतापगढ़ व अन्य जिलो के कोने कोने से लोग आते है । जिसमे सांसद, विधायक, जिला प्रशासन, सांगीपुर, लालगंज, रामपुर , संग्रामगढ़ के ब्लाक प्रमुखो, प्रधानो, थानाध्यक्षो , मीडिया के लोग सम्मिलित होकर इसे सफलतम बनाते है । देश के कोनो कोनो से झूले, श्रृंगार की दुकाने, सर्कस, मिठाई चाट की दुकानो का समूह एकता महोत्सव के आयोज़न को चार चाँद लगता है।