महाराष्ट्र: गढ़चिरौली में नक्सली हमले में 15 जवान शहीद

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महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में आज नक्सलियों ने धमाका करके पुलिस के 15 जवानों सहित कुल 16 लोगों को शहीद कर दिया। कहा जा रहा है कि इस इलाके में लगातार नक्सलियों पर दबाव बढ़ रहा था और पिछले साल ही सुरक्षा बलों ने कई नक्सलियों को मौत के घाट उतारा था।

महाराष्ट्र का गढ़चिरौली इलाका, जहां बुधवार की दोपहर करीब साढ़े बारह बजे महाराष्ट्र पुलिस के त्वरित प्रतिक्रिया बल यानी QRT दल परोडा पुलिस थाने की ओर बढ़ रही थे। तभी, नक्सलियों ने सुनियोजित तरीके से प्लांट की गई IED का धमाका कर दिया। नतीजतन, इसमें महाराष्ट्र पुलिस के QRT दल की 15 पुलिस जवानों सहित 16 लोग इस कायरतापूर्ण हमले में शहीद हो गए, जिसमें एक ड्राइवर भी शामिल थे। नक्सल प्रभावित इस गढ़चिरौली जिले में माओवादियों ने पुलिस की गाड़ी को उस वक्त निशाना बनाया, जब पुलिस की टीम नक्सल प्रभावित परोडा थाने की ओर जा रही थी।

इस ब्लास्ट के बाद पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ भी हुई और पूरे इलाके को बाद में घेर लिया गया है और ऑपरेशन जारी है। लेकिन, इंटेलिजेंस फेलियर को महाराष्ट्र पुलिस ने नकारा दिया है। महाराष्ट्र पुलिस का कहना है कि पहली नज़र में इस घटना के पीछे इलाके में पुलिस का बढ़ता दबदबा और नक्सलियों के घटते प्रभाव से उपजी हताशा हो सकती है।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर इस हमले की निंदा की है। उन्होंने ट्वीट करके कहा कि “गढ़चिरौली में सुरक्षा बलों पर हुए इस घृणित हमले की कड़ी निंदा करते हैं। उनके इस सर्वोच्य बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। मेरी पूरी संवेदना शोककुल परिवारों के साथ है। घटना में दोषी किसी भी व्यक्ति को बक्शा नहीं जाएगा। वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने घटना पर काफी दुख जताया।

“केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी घटना की निंदा की है। उन्होने ट्वीट के ज़रिए संदेश में लिखा “गढ़चिरौली की घटना कायरता और हताशा का सबूत है। हमें अपने वीर सिपाहियों पर गर्व है। देश की सेवा करते हुए किया गया सर्वोच्य बलिदान जाया नहीं होगा। सभी शोकाकुल परिवारों के प्रति हम संवेदना व्यक्त करते हैं।” घटना के बाद, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से बात की और भरोसा जताया कि केंद्र सरकार राज्य को सभी ज़रुरी सहायता दे रहे हैं और गृह मंत्रालय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है।

वहीं, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने संदेश में कहा कि “महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में मआवोदियों द्वारा सुरक्षा बल के जवानों पर हुआ कायराना हमला बेहद निंदनीय है। मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ है जिन्होनें देश के लिए शहादत दी। इस जघन्य अपराध के लिए किसी को भी नहीं बख़्शा जाएगा। इससे पहले लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से एक दिन पहले महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में CRPF की पेट्रोलिंग टीम पर नक्सलियों ने IED से हमला किया था, जिसकी चपेट में कई जवान आए थे।

बताया ये जा रहा है कि इससे पहले मंगलवार को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के उप जिला कुरखेड़ा में नक्सलवादियों ने एक सड़क निर्माण कंपनी के करीब तीन दर्जन वाहन जला दिए थे। ये सड़क निर्माण, दादापुर गांव के पास एन.एच. 136 के पुरादा-येरकाड सेक्टर के लिए सड़क निर्माण कार्यो में लगे थे। गौरतलब है कि 25 अप्रैल 2018 को सुरक्षाबलों ने गढ़चिरौली में ही 37 नक्सलियों को मौत के घाट उतार दिया था। उस घटना के बाद पहली बार है जब इस इलाके में नक्सलियों ने इतनी बढ़ी घटना को अंजाम दिया है।

इस इलाके की ख़ास बात ये भी है कि गढ़चिरौली का ये इलाका महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सीमा पर है जिसमें गढ़चिरौली में तीन एरिया कमेटी का सेंटर एरिया है। जहां नक्सली लगातार विकास कार्य में बाधा डालने की कोशिशों में लगे रहते हैं। बताया जा रहा है कि नक्सलियों के चुनावों के बहिष्कार के ऐलान के बावजूद इस इलाके में जमकर वोटिंग हुई थी, जिससे नक्सली बौखलाए हुए थे।