भारत भाग्य विधाता की महाशपथ

नई दिल्ली : नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने गुरुवार की शाम प्रधानमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। प्रधानमंत्री के रूप में यह उनका दूसरा कार्यकाल होगा। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) भी सरकार का हिस्सा होंगे. उन्होंने भी मंत्री पद की शपथ ली. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ram Nath Kovind) ने पीएम मोदी (PM Modi) को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह मेंशामिल होने के लिए 8000 मेहमानों को न्योता दिया गया था. राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी के साथ-साथ राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, सदानंद गौड़ा, निर्मला सीतारमण समेत तमाम नेताओं ने भी शपथ ली.

आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी के प्रचंड जीत के बाद से अमित शाह के कैबिनेट में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे. हालांकि बीजेपी के एक धड़े का मानना था कि अमित शाह को फिलहाल बीजेपी अध्यक्ष के पद से हटाना सही नहीं होगा. खासकर तब जब हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में अगले कुछ महीनों में विधानसभा का चुनाव होना है. राज्य सभा में अपनी स्थिति को और बेहतर करने के लिए बीजेपी को विधानसभा चुनाव में भी बेहतर करना जरूरी है. मौजूदा समय में राज्य सभा के 250 सदस्यों में से एनडीए के 99 सदस्य हैं. हालांकि अमित शाह नई कैबिनेट का हिस्सा बन गए हैं.

जानें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन से जुड़ी 10 खास बातें :

1. नरेन्द्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को वड़नगर में दामोदार दास मूलचंद मोदी और हीराबेन के यहां हुआ।

2. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच भाई-बहन है।

3. उनके पिता की रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान थी। 1965 में भारत-पाक युद्ध के दौरान मोदी ने स्टेशन से गुजर रहे सैनिकों को चाय पिलाई।

4. किशोरावस्था में ही आरएसएस के संपर्क में आए नरेंद्र मोदी 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद पूर्णकालिक प्रचारक बन गए। इस दौरान मोदी को उनके राजनीतिक गुरु लक्ष्मणराव इनामदार या वकील साहब का दिशानिर्देशन मिला।

5. नरेंद्र मोदी आरएसएस के जरिये ही 1985 में भाजपा में शामिल हुए। अहमदाबाद नगर निकाय चुनाव (1986) में पार्टी की जीत में उनका अहम योगदान रहा। आडवाणी की रथ यात्रा राष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहली बड़ी राजनीतिक जिम्मेदारी थी।

6. भाजपा की 1995 में गुजरात विधानसभा चुनाव में जीत के पीछे मोदी की चुनावी रणनीति की अहम भूमिका रही। नवंबर 1995 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय सचिव बनाकर दिल्ली भेजा गया। जहां उन्हें हरियाणा और हिमाचल की जिम्मेदारी दी गई।

7. मई 1998 में मोदी को भाजपा का महासचिव बनाया गया। गुटबाजी खत्म करने के लिए 1998 के गुजरात चुनाव में प्रत्याशियों के चयन में मोदी ने शंकर सिंह वाघेला की बजाय केशूभाई के समर्थकों को तवज्जो दी और इस रणनीति से पार्टी को कामयाबी मिली।

8. 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी को केशुभाई पटेल के स्थान पर राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया। 2002 के विधानसभा चुनाव में 182 में 127 सीटें जीत मोदी सत्ता में आ गए। 2002 से 2007 के कार्यकाल में उन्हें राज्य में निवेश लाने के अभूतपूर्व प्रयास किए और गुजरात मॉडल सामने लाए।

9. 2007 के विधानसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के विकास को मुद्दा बनाया और फिर जीतकर लौटे। फिर 2012 में भी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा गुजरात विधानसभा चुनावों में विजयी रही। राज्य में तीसरी बार अपनी सत्ता का डंका बजाया।

10. 2013 में उन्हें बीजेपी प्रचार अभियान का प्रमुख बनाया गया और बाद में बीजेपी ने प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के नाम का एलान कर दिया। 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने पूर्ण बहुमत के साथ केंद्र में सरकार का गठन किया। 2019 के लोकसभा का चुनाव भी नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही लड़ा गया था।