दो बार छिन्दवाड़ा आये थे महात्मा गांधी, दिया था अस्पृश्यता का संदेश
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छिन्दवाड़ा। भारत की स्वतंत्रता में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का छिन्दवाड़ा की धरा पर भी दो बार आगमन हुआ था। पहली बार वे 6 जनवरी 1921 को छिन्दवाड़ा आए थे तो दूसरी बार 29 नवम्बर 1933 को उन्होंने छिंदवाड़ा वासियों को संदेश दिया था। गांधी की छिंदवाड़ा शहर के घने व्यवसायिक क्षेत्र चिटनाविस गंज में आमसभा भी हुई थी।

स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्ति की अलख और स्वच्छता के साथ अस्पृश्यता को दूर करने का प्रेरणादायी संदेश दे गए थे। छिंदवाड़ा के चिटनाविस गंज का नाम उस दिन से गांधीगंज पड़ गया। उनकी दो बार की छिंदवाड़ा यात्रा और उनके संदेश आज भी प्रेरणादायी हैं। गांधी गंज क्षेत्र में बापू के आगमन का शिलालेख भी लगा हुआ है। यहां आवागमन करने वाले लोग उनके स्वच्छता और अनुशासन के लिए शिलालेख को हमेशा याद करते हैं।

अली बंधुओं के निवेदन पर हुआ था आना
महात्मा गांधी सन 1921 में एक अलग कार्यक्रम के तहत अली बंधुओं के निवेदन पर छिंदवाड़ा आए थे। उन दिनों महात्मा गांधी अस्पृश्यता हटाने और समाज को एक रहने का संदेश दे रहे थे।

अस्पृश्यता का दिया संदेश
महात्मा गांधी ने 23 नवम्बर 1933 से 8 दिसम्बर 1933 तक मध्य प्रदेश का बड़ा व्यापक दौरा किया। वे बुरहानपुर, खंडवा, हरदा बाबई, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट आये। इस दौरान छिन्दवाड़ा में आकर उन्होंने लोगों को समझाया कि हिंदू समाज को अस्पृश्यता दूर करना चाहिए। किसी को अछूत नहीं मांगना चाहिए अन्यथा बड़ी मुश्किल हो जाएगी मंदिर सबके लिए खुले होना चाहिए।