महापौर और जिपं अध्यक्ष ने छोड़ी लालबत्ती, हूटर हटाने को चलेगा अभियान

इंदौर। केन्द्र के नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा देशभर में वीआईपी कल्चर समाप्त करने की पहल करते हुए गुरुवार को महापौर मालिनी गौड़ व जिला पंचायत अध्यक्ष कविता पाटीदार ने लाल बत्ती छोड़ दी है। लेकिन शहर में अभी भी नियमों का उल्लंघन करते हुए कई जनप्रतिनिधियों द्वारा हूटर लगाए गए हैं। जबकि हूटर लगाना भी नियमों के अनुसार गलत है। अब हूटर निकलवाने के लिए भी परिवहन विभाग, जिला प्रशासन व पुलिस संयुक्त रूप से अभियान चलाते हुए कार्रवाई करेगी और मौके पर ही जुर्माना वसूल किया जाएगा।

नरेन्द्र मोदी सरकार ने एक मई से लालबत्ती हटाने का निर्णय लिया है और केवल नीली बत्ती आपात सेवाओं के वाहनों पर ही लगाने का प्रावधान किया गया है। वीआईपी कल्चर खत्म करने का असर आज से ही देखने को मिला है जिसके चलते सबसे पहले महापौर मालिनी गौड़ ने अपने वाहन से लालबत्ती उतार दी है। उसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष कविता पाटीदार ने भी लालबत्ती अपने वाहन से हटा दी है, परंतु सबसे बड़ी बात यह है कि अभी भी कई ऐसे जनप्रतिनिधि है जिन्होंने लालबत्ती तो नहीं, लेकिन हूटर लगा रखे हैं। जबकि नियम अनुसार हूटर लगाना प्रतिबंधित है। अपात्रों को हूटर लगाने पर एक हजार रुपए का दंड वसूल किया जाता है लेकिन इसके बाद भी अधिकांश जनप्रतिनिधियों द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।

बताया जाता है कि गाड़ियों पर हूटर लगाने वालों में विधायक, पूर्व विधायक, पार्षदों के अलावा कई ऐसे जनप्रतिनिधि है जो हूटर लगाने की पात्रता नहीं रखते हैं अब उन पर भी सख्ती से कार्रवाई करने की तैयारी शुरू हो गई है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन के सहयोग से विभाग द्वारा संयुक्त अभियान चलाया जाएगा और अब तक केवल एक हजार रुपये तक दंड वसूलने का प्रावधान था, लेकिन अब उन पर दंड लगाने के साथ ही गाड़ी जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी और मामला न्यायालय में सौंपा जाएगा।