मीडिया संवाद कार्यक्रम आयोजित

सीधी@ खबरों के लिये अपने सूचना तंत्र को मजबूत बनाये ताकि कोई भी घटना या दुर्घटना होते ही आपको तीव्रगति से सूचना मिल सके और आप उसका उपयोग कर ले। खबरों की विश्वसनीयता एवं उसके सत्य को जानकर, तथ्यपरक बनाकर ही प्रिट मीडिया में अपना अस्तित्व बनाये रखा जा सकता है। छोटी से छोटी घटना को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहियें उसका बेहतर-बेहतर उपयोग करना चाहिये। उक्ताशय के उदगार भोपाल से आये वरिष्ठ पत्रकार शिवअनुराग पटेरिया ने जिले के पत्रकारों के लिये आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होने कहा कि बडी सहजता के साथ संपर्क स्थापित कर कानूनी बाधाओं के होते हुये भी तात्कालिक रूप से सूचना प्राप्त की जा सकती है। वर्तमान दौर में अखबारों के लिये चुनौती है कि वे अपने दायित्व को समझे। समाज को जागरूक करना समाचार पत्रों का दायित्व है। दिन-प्रतिदिन होने वाली घटनाओं को समाज में बताकर सरकार को चेताया जा सकता है। नायाब खबरे बनाकर अपने को महत्वपूर्ण साबित किया जा सकता है, पटेरिया ने कहा कि समाज में प्रिट मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीटिया, वेब न्यूज के साथ ही सोशल मीडिया व्दारा भी काफी तीव्रगति से खबरें भेजी जा रही है। लेकिन सोशल मीडिया से भेजी जाने वाली अधिकाश खबरों की सत्यता संदिग्ध होने के कारण अभी समाज के बीच उतनी खरी नहीं उतरी है। लेकिन सोशल मीडिया से देश के 25 करोड़ लोग जुडे हुये है।

पटेरिया ने कहा कि सोशल मीडिया में लोगो के सक्रिय होने के बाद भी प्रिट मीडिया का महत्व कम नही होता उसका अपना स्थान है और समाज के बीच वह आज भी प्रासंगिक है। प्रिंट मीडिया के महत्व को बनाये रखने के लिये आवश्यक है कि वह खबरे सत्यतापरक और विश्वसनीयता की जांच परख कर ही प्रकाशित की जाये। इसके लिये आवश्यक है कि दोनो पक्षों के विचार लेकर खबरें बनायी जानी चाहिये। उन्होने कहा कि पिछले 30 वर्षो के दौरान पत्रकारिता के रूप में परिवर्तन हुआ है। उन्होने कहा कि स्वतंत्रतापूर्व से पत्रकारिता एवं समाचार पत्रों का प्रादुर्भाव हुआ। राष्ट्रभक्त एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी लोगों में देशभक्ति की भावना भरने के लिये एवं देश के प्रति समर्पित होने के लिये इसका उपयोग किया। प्रफ्फुल महेश्वरी, माखनलाल चतुर्वेदी ने वैचारिक यात्रा को गति देने के लिये इसका उपयोग किया।

पटेरिया ने कहा कि पत्रकारों के लिये सफलता का पहला सूत्र है कि वे सूचना से परिपूर्ण बने। उन्होने कहा कि पत्रकारों को एक होना चाहिये यदि आप संगठनात्मक रूप से एक होगे तो सबसे बडी ताकत के रूप में उभरोगें। वरिष्ठ पत्रकार रावेन्द्र पाण्डेय ने समाचार तैयार करने के गुर बताते हुये कहा कि समाचारो का चयन करते समय समाचारों के शब्द विन्यास की ओर भी ध्यान रखा जाये। समाचार ऐसा बनाया जाये जिसे पढने के लिये पाठक मजबूर हो जाये और बिना पढे न रह सके।

कार्यक्रम का स्वागत भाषण एवं संचालन जनसंपर्क अधिकारी अरूण मिश्रा ने किया। उन्होने मीडिया संवाद कार्यक्रम के उद्देश्य की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर जिले के समस्त पत्रकार जनसंपर्क विभाग के लक्ष्मण साकेत सहित कर्मचारी उपस्थित थे।