पवित्र बोधिवृक्ष का किया गया औषधीय उपचार

वन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों की देखरेख में महाबोधि मंदिर परिसर में स्थित पवित्र बोधिवृक्ष के संरक्षण का काम किया। इसके तहर बोधिवृक्ष में माइक्रो न्यूट्रिएंट्स का छिड़काव किया गया।संस्थान के वैज्ञानिकों ने बोधिवृक्ष की बेहतरी के लिए वृक्ष की सूखी डालियों और टहनियों को कटवाया और उस पर रासायनिक लेप करवाया। साथ ही बोधिवृक्ष को उचित पोषण तत्वों की उपलब्धता के लिए सूक्ष्म पोषक तत्वों-जिंक, मैग्नीज, मैग्निशियम व बोरोन का छिड़काव करवाया।

बोधिवृक्ष की कटी टहनियों में रेड ऑक्साइड, कॉपर कॉर्बोनेट, सोडियम बाइर्कोनेट को तीसी के तेल में मिलाकर चौपटिया लेप लगाया गया ताकि आगे परेशानी न हो। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2007 में यह निर्देश दिया था कि वन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा बोधिवृक्ष की बेहतर और पारदर्शी संरक्षण व्यवस्था करवाई जाए। मुख्यमंत्री की इसी पहल के बाद वैज्ञानिकों ने सैंपल लिया और परीक्षण के बाद इसके संरक्षण का कार्य शुरू किया।