यादें : बाला साहेब ठाकरे एक खुली किताब थे

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आज हम बात करेगे एक ऐसे आदमी की जो खुलेआम धमकी देता था, एक ऐसे आदमी की जो मुंबई को देश की राजधानी बनाना चाहता था, एक ऐसे आदमी की जिसके दरबार में विरोधी भी हाजिरी लगाने आते थे.. इनका नाम था बाला साहेब ठाकरे.
1. बाल ठाकरे का बचपन का नाम था “बाल केशव ठाकरे” जो वक्त के साथ-साथ “बाला साहेब ठाकरे” बन गया।
2. बाल ठाकरे एक कार्टूनिस्ट थे, राजनितिज्ञ तो बाद में बने. सिर्फ यही नहीं बल्कि ठाकरे मशहूर क्रांतिकारी कार्टूनिस्ट थे. 1950 के आस-पास टाइम्स ऑफ इंडिया के सन्डे एडिशन में इन्हीं के कार्टून छपते थे. इन्होनें 1960 में ये नौकरी छोड़ थी।
3. बाल ठाकरे को हिंदू हृदय सम्राट कहा जाता था. उनका बिना देखे भाषण देना लोगो के मन को भा गया, उन्हें सुनने के लिए लाखों की भीड़ एकजुट होती थी।
4. चाँदी के सिहांसन पर बैठने के शौकीन बाल ठाकरे के दरबार में विरोधी भी हाजरी लगाते थे. ठाकरे खुलेआम धमकी देते थे।
5. बाल ठाकरे जब किसी का विरोध करते थे तो दुश्मनों की तरह, और जब तारीफ करते थे तो ऐसे कि जैसे उनसे बड़ा कोई मित्र नही।
6. 19 जून 1966 को बाल ठाकरे ने शिवाजी पार्क में नारियल फोड़कर अपने दोस्तों के साथ पार्टी बनाई थी “शिवसेना“. जो आज भी चल रही है।

7.1980 के दशक में बाल ठाकरे ने मुसलमानों के बारे में कहा, कि ये कैंसर की तरह फैल रहे है और देश को इनसे बचाया जाना चाहिए।
8.बाल ठाकरे की एक खास बात थी कि वह कभी किसी से मिलने नही गए. जिसे मिलना है खुद घर आओ. भारत की हर बड़ी हस्ती उनसे मिलने के लिए उनके मुंबई के घर मातोश्री में जाती थी. बड़े-बड़े बाॅलीवुड एक्टर/राजनीतिज्ञ उनसे मिलने उनके घर आते थे। जैसे: नरेन्द्र मोदी, माइकल जैक्सन…..
9. अपने भाषणों में बाल ठाकरे अक्सर 2 ही चीजों की खुलकर तारीफ करते थे, एक था “हिटलर” और दूसरा श्रीलंका का आतंकी संगठन “लिट्टे“.
10. बात है सन् 1990 के आसपास की, कश्मीर में इस्लामी आतंकवाद चरम पर था कश्मीरी पंडितो को भगाया जा रहा था. अमरनाथ यात्रा चल रही थी… आतंकवादियो ने यात्रा बंद करने की धमकी दे दी और कहा जो अमरनाथ यात्री आएगा वह वापिस नही जाएगा. तब बाल ठाकरे ने एक बयान दिया कि, हज के लिए जाने वाली 99% फ्लाइट मुंबई एयरपोर्ट से जाती है देखते है यहाँ से कोई यात्री मक्का-मदीना कैसे जाता है. अगले ही दिन से अमरनाथ यात्रा शुरू हो गई।
11. सन् 1992 में बाबरी मस्जिद ढहा दी गई, तो बाल ठाकरे “आप की अदालत” शो में आए हुए थे जब उनसे कहा जया कि सुना है ये काम शिवसैनिको ने किया है ? तो वो बोले यदि ये काम शिवसैनिकों ने किया है तो यह गर्व की बात है।
12. बाल ठाकरे के कुछ स्पेशल शौक थे. सिगार, वाइट वाइन etc. ज्यादातर फोटो या इंटरव्यू में उनके हाथ में पाइप या सिगार होती है. पाइप तो 1995 में दिल के दौरे के बाद छोड़ दी लेकिन सिगार तो मौत के साथ ही छूटी।
13. 1999 में बाल ठाकरे पर 6 साल तक वोट डालने और चुनाव लड़ने पर बैन लगा था। लेकिन बाल ठाकरे ने अपने जीवन में कभी चुनाव नही लड़ा।
14. अपनी मौत से दो महीने पहले ठाकरे का एक बयान आया था कि आर्मी मेरे हवाले कर दो, मै देश को एक महीने में ठीक कर दूंगा।
15. ठाकरे के जीवन में दुख भी बहुत थे. पहले पत्नी का निधन, फिर बड़े बेटे बिंदुमाधव की कार हादसे में मौत, फिर दूसरे बेटे जयदेव के साथ मनमुटाव और लाडले भतीजे राज ठाकरे का अलग पार्टी बनाना. आपको बता दे की राज ठाकरे वो आदमी थे जिनको बाल ठाकरे का उत्तराधिकारी माना जाता था।
16. 17 नवंबर 2012, बाल ठाकरे का निधन हो गया. इस दिन मुंबई बंद था.. अंतिम यात्रा में लगभग 5 लाख लोग शामिल हुए. थोड़ी-थोड़ी देर बाद एक आवाज उठती है: बाला साहेब… लाखो लोग चिल्लाते है: अमर रहे।
17. बाल ठाकरे ना तो मुख्यमंत्री थे और ना सांसद. फिर भी उन्हें मरने के बाद ‘21 तोपों की सलामी‘ दी गई. जो राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को मिलती है। ये रूतबा था बाला साहेब ठाकरे का