लखनऊ में पीएम ने की 60 हजार करोड़ की 81 परियोजनाओं की शुरूआत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लखनऊ में 60 हजार करोड़ रुपए की लागत की 81 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री को अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से पूरे राज्य में रोजगार उत्पन्न होगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल लखनऊ में 60 हजार करोड़ रुपए की लागत की 81 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश को बनाने में कारोबारियों की किसानों जैसी भूमिका है।

उन्होंने गलत आरोप लगाने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि देश हित के कामों में उद्योगपतियों के साथ काम करने पर उन्हें फख्र है। जबकि विपक्षी दल निजी तौर पर व्यापारियों से मुलाकात कर सार्वजनिक रूप से उनकी आलोचना करते हैं।

प्रधानमंत्री ने साथ ही कहा कि ये परियोजनाएं डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया को नया आयाम देने में बड़ा कदम साबित होगी। प्रधानमंत्री ने देश में हो रही अच्छी बारिश को किसानों और अर्थव्यवस्था के लिए सहायक बताया। साथ ही उन्होंने भारी बारिश के कारण कई जगहों पर हो रहे नुकसान पर चिंता जताते हुए कहा कि संकट में घिरे लोगों को सरकार हर तरह की सहायता पहुंचा रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें उद्योगपतियों से मिलने में कोई संकोच नहीं है क्योंकि उनकी नियत साफ है। प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि देश के विकास में उद्योगपतियों की भी अहम भूमिका रही है। प्रधानमंत्री ने ज़ोर देते हुए कहा कि हम डिजिटलाईजेशन के साथ-साथ सामान्य मानविकी जीवन को भी सरल बनाना चाहते हैं और एक ऐसी व्यवस्था खड़ा करने चाहते हैं, जहां भेदभाव न हो।

प्रधानमंत्री ने साथ ही कहा कि आईटी क्षेत्र को हम केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि हम इस ताकत को छोटे और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने पर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने साथ ही उद्योगपतियों को राष्ट्र-निर्माण की महत्वपूर्ण ईकाई बताते हुए कहा कि प्रगति कि इस दौड़ की ये अभी शुरुआत है और अभी हमें बहुत तेज़ी से दौड़ना बाकी है।

प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश को 60 हजार करोड़ रुपए की लागत की परियोजनाओं की शुरूआत की है। पिछले वर्ष आयोजित उत्‍तर प्रदेश निवेशक सम्‍मेलन में हस्‍ताक्षर किए गए एक हजार 45 समझौता ज्ञापनों में से 81 के कार्यान्‍वयन के लिए ये समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का स्वागत करते हुए कहा कि देश कि विकास यात्रा न केवल दिल्ली और मुंबई से नहीं गुजरती बल्कि यह अब लखनऊ से भी होकर गुजरती है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश की ही तरह उत्तर प्रदेश ने भी ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में बेहतर प्रदर्शन किया है। आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश उनके मार्गदर्शन में बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है।

अडानी समूह के प्रमुख गौतम अडानी ने कहा कि उत्तर प्रदेश संभावनाओं का क्षेत्र है और राज्य के ट्रांसफॉर्मेशन में हम अपने निवेश के जरिये विकास की यात्रा के भागादीर बन रहे हैं। एस्सेल समूह के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा ने राज्य में रोजगार की संभवानओं को बल देते हुए कहा कि हम 25 हज़ार ई-रिक्शा और 25 हज़ार ऑटो रिक्शा उपलब्ध करा रहे हैं, जिसरे करीब 50 हज़ार लोगों को रोजगार मिल सकेगा।