झारखंड में शुरू हुआ मोमेंटम झारखंड वैश्विक निवेशक सम्मेलन

झारखंड की राजधानी रांची में गुरुवार को जब दो दिवसीय मोमेंटम झारखंड वैश्विक निवेशक सम्मेलन शुरू हुआ तो तमाम केंद्रीय मंत्रियों के साथ ही दुनिया के कई देशों के निवेशक भी पहुंचे।
केन्द्रीय वित्तमंत्री अरूण जेटली ने निवेषक सम्मेलन का उदघाटन किया।अरूण जेटली ने कहा कि झारखंड में पूंजी निवेश की असीम संभावना है और देशके सकल घरेलू उत्पाद को बढ़ाने में झारखंड की अहम भूमिका हो सकती है। उन्होंने भारत के पूर्वी क्षेत्र के विकास पर विषेष जोर दिया।

समारोह को संबोधित करते हुए केन्द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री एम0 वेंकैया नायडू ने झारखंड को केन्द्र की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि रांची देश की पहली ग्रीन फील्ड स्मार्ट सिटी होगी। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड संभावनाओं से भरा प्रदेष है और सरकार निवेषकों को हर सुविधा देगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर सम्मेलन को शुभकामनाएं दी और राज्य सरकार के कामों की तारीफ की । पीएम ने कहा – झारखंड में निवेश के बाद राज्य के लोगों के लिए कई अवसर पैदा होंगे और यहां के लोग अपनी आकांक्षाओं को पंख दे सकेंगे सम्मेलन में सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी केन्द्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी, केन्द्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री पीयूष गोयल समेत कई बड़े कारोबारी मौजूद थे ।

सम्मेलन में जापान, मंगोलिया, ट्यूनेशिया और चेक रिपब्लिक के राजदूत, आस्ट्रेलिया की हाई कमिश्नर और बड़ी संख्या में उद्योग जगत की नामी हस्तियां मौजूद थी। मोंमेटम झारखंड में जापान, मंगोलिया, ट्यूनेशिया और चेक रिपब्लिक कंट्री पार्टनर हैं। राज्य में पहली बार इतने भव्य स्तर पर जुटे निवेशकों से करीब पौने चार लाख करोड़ के निवेश के प्रस्ताव आये हैं।इसके पहले गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश , ओडीशा और हरियाणा में भी वैश्विक निवेशक सम्मेलन हो चुके हैं।

गुजरात का सम्मेलन तो पीएम मोदी के सीएम रहते ही शुरु हुआ था । इस साल जनवरी में हुए सम्मेलन में 20 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश के समझौते हुए थे। हाल ही में आंध्र प्रदेश निवेश शिखर सम्मेलन में राज्य में तेल-गैस, खान और स्वास्थ्य सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के 665 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए जिनमें कुल 10.5 लाख करोड़ रपए के निवेश के प्रस्ताव शामिल है। देश की 40 फीसदी खनिज संपदा झारखंड में है। ऐसे में निवेषकों के लिए झारखंड एक बेहतर मंजिल साबित हो सकती है।