दवाओं की दुष्प्रभाव पर एडीआर सेंटर से निगरानी

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अगर कोई दवा आपको साईड इफेक्ट करती है तो उसकी शिकायत आप सीधे टोल फ्री नम्बर पर कर सकते है या फिर इलाज कर रहे अपने डॉक्टर से कर सकते है। आप अपनी शिकायत मोबाईल एप के जरिए भी कर सकते हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दवाओं की गुणवता पर निगरानी करने के लिए फार्माकोविजिलेंस कार्यक्रम चलाती है।

अगर आप कोई दवा लेते है और उसका कोई साईड इफेक्ट होता है या दवा बेअसर होता है तो इसकी सीधे शिकायत फार्माकोविजिलेंस के एडीआर यानि एडवर्स ड्रग रिएक्शन मॉनिटरिंग सेंटर पर या टोल फ्री नंबर पर कर सकते हैं। ये टोल फ्री नंबर है 18001803024…..। अगर आपको लगता है जो दवा डॉक्टर लिख रहे है उसका आप पर दुष्प्रभाव हो रहा है तो तुरंत अपने डॉक्टर को बताएं। आपके डॉक्टर इसकी जानकारी दवा नियामक को देंगे।

दरअसल दवाओं के दुष्प्रभाव पर नजर रखने के लिए 2010 में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने फार्माकोविजिलेंस कार्यक्रम की शुरुआत की और इंडियन फार्माकोपिया कमीशन को राष्ट्रीय समन्वय केंद्र बनाया जहां से दवाओं की निगरानी की जाती है। फार्माकोपिया कमीशन ने देश भर में ढ़ाई सौ निगरानी केन्द्र बनाए हैं। ये केन्द्र मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में बनाए गए है जहां से सूचना सीधे गाजियाबाद के इस केन्द्र में भेजा जाता है। भेजी गई शिकायतों की फार्माकोपिया कमीशन में आकलन और विश्लेषण होता है और उसकी रिपोर्ट डीसीजीआई यानि ड्र्ग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को भेजता है और डीसीजीआई इसे अपने स्तर से जांच करता है और सही पाए जाने पर दवा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करता है।

लोग आसानी से अपनी शिकायत दर्ज कर सकें इसलिए एक मोबाईल एप भी जारी किया गया है। पिछले सात साल में कमीशन को तीन लाख से ज्यादा शिकायत मिली है। सभी लोगों को सुरक्षित और गुणवतापूर्ण दवा मिल सके इसके लिए केन्द्र सरकार सभी जरुरी कदम उठा रही है।