मुरादाबाद : दारोगा “हारून खां” को शिव भक्तों के लिए फावड़ा चलाते देख हैरत में पडे लोग

मुरादाबाद। पीतलनगरी मुरादाबाद में कल एक मुसलमान दारोगा ने धर्म के नाम पर अपनी दुकान चलाने वालों के मुंह पर करारा तमाचा लगाया है। कांठ थाने में तैनात उप निरीक्षक हारून खां ने स्वयं फावड़ा उठा लिया और शिव मंदिर जाने का रास्ता साफ कर दिया। इसी रास्ते से कांवड़ लेकर लोग मंदिर जाते हैं

अति संवेदनशील जिला मुरादाबाद में जहां मामूली बातों पर दोनों सम्प्रदायों के लोग आमने-सामने आ जाते हैं। वहां के अति संवेदनशील थाने कांठ में हारून खां की तैनाती है। आज काफी अहम पर्व महाशिवरात्रि है। कांवडिय़े शिव मंदिरों में जल चढ़ाएंगे।

कुछ दिन पहले ही थानों में बैठक करके कांवडिय़ों के लिए रास्ते को सही करने और बिजली के तारों को ऊंचा करने के लिए संबंधित विभागों को कहा गया था। इसके बाद भी विभाग के अधिकारियों की नींद नहीं टूटी। कांठ के अकबरपुर चेदरी गांव में दो वर्ष पहले ही मंदिर में लाउडस्पीकर को लेकर विवाद हुआ था। कल दारोगा हारून गश्त पर थे। इसी दौरान उन्हें मंदिर को जाने वाले रास्ते पर कीचड़ और पत्थर दिखाई दिए। उन्होंने बिना देर किए फावड़ा मंगाया और रास्ता सही किया। उन्हें मंदिर जाने का रास्ता सही करते देख न सिर्फ स्थानीय लोगों ने सराहा बल्कि अधिकारियों ने भी उनके काम की प्रशंसा की।

गौरतलब है इन दिनों उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव चल रहा है। चार चरण होते होते नेताओं की जुबानी जंग भी तेज हो गई है। मामला ईद-रमजान और दीवाली व होली में बिजली से लेकी श्मसान और कब्रिस्तान तक पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट कितना भी कह ले लेकिन वोट धर्म और जाति के नाम पर ही मांगे जा रहे हैं। जहां सब नेता हिंदू और मुसलमान की बात कर रहे हैं, वहीं पुलिस के एक कर्मचारी हिंदू भाइयों की दिक्कतों को दूर करने के लिए खुद उनका रास्ता आसान करने में जुटे हैं।

मुरादाबाद के कांठ थाना क्षेत्र के अकबर पुर चंदेरी गावं में जहां कुछ साल पहले एक मंदिर पर लाउडस्पीकर लगाने को लेकर विवाद हो गया था, गांव में कल हारुन खां ने शिवभक्तों को दिक्कतों से बचाने के लिए रास्ता सही करने में जुट गए। दरअसल, कांठ थाना क्षेत्र के अकबर पुर चंदेरी गावं के मंदिर की ओर जाने वाला रास्ता अभी पूरी तरह से बना नहीं है। कई जगह से टूटा पड़ा है।

हैरत में पड़ गए लोग
दारोगा हारून खां को फावड़ा चलाते देख आसपास के लोग हैरत में पड़ गए। इसके बाद लोग उनके साथ कंधे से कन्धा मिलाकर सड़क सुधार में साथ देने लगे और पूरे रास्ते के गड्ढों को मिट्टी डाल कर और टाइल्स लगा कर सही किया गया। हारून खां का मानना है कि गांव में पहले भी मंदिर में लाउडस्पीकर लगाने को लेकर विवाद हो चुका था और इस विवाद में उस समय तैनात जिलाधिकारी की आंख में पत्थर लगने से आंख खराब हो गई थी। शिवरात्रि पर खराब रास्ते को लेकर कोई समस्या न हो, इसलिए स्थानीय लोगों के साथ मिलकर रास्ते को सही किया गया है।