SC में केंद्र की दलील, 2 साल के लिए टाली जा सकती है मोरेटोरियम की अवधि
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कोरोना वायरस की वजह से पैदा हुए आर्थिक संकट के बीच केंद्र बैंकों के लोन की देनदारी यानि मोरेटोरियम को 2 सालों के लिए टालने बढ़ाने की बात कही है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में ये बात कही.

उन्होंने कहा है कि ज्यादातर लोग सर्विस सेक्टर से जुड़े हैं और कोरोना की वजह से रोजगार खो चुके हैं. सरकार भी प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करने की प्रक्रिया में है.

ब्याज पर लगने वाले ब्याज के मामले में तुषार मेहता ने दलील दी है कि सरकार, बैंकों और RBI के साथ बैठक कर इसपर फैसला लेगी.

कोर्ट ने कहा कि सरकार को इस मामले में फेयर रहने की जरूरत है और पहले ही इस मामले में 3 बार सुनवाई टल चुकी है. अब इस मामले में बुधवार को सुनवाई होगी.