MP बजट: वैट बढ़ा, जमीन खरीदना महंगा, प्लास्टिक का सामान, गैस-गीजर महंगे, कृषि यंत्र हुए सस्ते
भोपाल। मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जयंत मलैया राज्य विधानसभा में वर्ष 2016-17 का बजट पेश कर रहे हैं। बजट में वित्तमंत्री मलैया द्वारा वैट 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया है, इससे प्रदेश में महंगाई बढ़ेगी। साथ ही स्टाम्प शुल्क बढ़ा देने से प्रदेश में जमीन खरीदना महंगा हो गया है। दस हजार से ज्यादा कीमत की साइकल, प्लास्टिक का सामान आैर गैस गीजर भी महंगे हो गए हैं। बायोफ्यूल और इंडक्शन चूल्हा, 38 प्रकार के कृषि यंत्रों, नए मल्टीप्लेक्स, दूध निकालने वाली मशीन सस्ते किए गए हैं।
 
मध्यप्रदेश में सात नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे, बैटरी चलित कार एवं रिक्शा टैक्स फ्री करने की घोषणा की गई है। उन्होंने मध्यप्रदेश में कामधेनु सेंटर खोलने, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में आईटी पार्क बनाने की घोषणा की गई। उन्होंने बताया कि ग्वालियर और जबलपुर में आईटी पार्क का काम पूरा हो रहा है। होशंगाबाद के पवारखेड़ा में नया कृषि कॉलेज स्थापित करने और केन-बेतवा लिंक परियोजना को मंजूरी देने की घोषणा की गई है। उद्योगों के विकास के लिए निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।
 
वित्त मंत्री जयंत मलैया ने ने करीब 1 लाख 58 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया है. इस बजट से करीब 118 हजार करोड़ रुपए का घाटा सरकार को अनुमानित है। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री मलैया ने पशुपालन विभाग का जिक्र करते हुए बताया कि, दूध उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में चौथे स्थान पर पहुंच गया है और प्याज उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा गया है। वित्त मंत्री मलैया ने कहा कि इंटरनेशनल बाजार में हो रहे बदलाव का असर मध्यप्रदेश पर भी पड़ा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति आय अब 59 हजार रुपए से ज्यादा हो गई है। कृषि विकास दर में सिंचाई योजनाओं का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। मौसम की मार से दलहन पर भी बुरा असर पड़ा है। वर्तमान में गेहूं, सरसों जैसी रबी की फसलों की स्थिति संतोषजनक है। एमपी के जलाशयों में मत्स्य उत्पादन सबसे ज्यादा हो रहा है।
 
यह हुआ महंगा
मध्यप्रदेश में जमीन खरीदना हुआ महंगा, स्टांप शुल्क बढ़ा
वैट पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया गया है.
10 हजार रुपए से ज्यादा कीमत की साइकिल महंगी होगी
प्रदेश में प्लास्टिक बैग और प्लास्टिक का सामान महंगा होगा.
गैस-गीजर भी महंगा,
यह हुआ सस्ता
बायोफ्यूल और इंडक्शन चूल्हा सस्ता होगा
38 कृषि यंत्रों को टैक्स फ्री किया गया है
नए मल्टीप्लेक्स को मनोरंजन कर से मुक्त किया जाएगा.
दूध निकालने वाली मशीन टैक्स फ्री होगी.
बैटरी से चलने वाले वाहन कर मुक्त होंगे
12 टन से ज्यादा क्षमता वाले वाहन सस्ते हुए
बजट के मुख्य बिन्दु
मध्यप्रदेश का राजकोषीय घाटा 24913 करोड़ रुपए
मध्यप्रदेश में सात नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे.
प्रॉपर्टी की राशि कम बताने पर पेनाल्टी का प्रावधान
रजिस्ट्री के लिए दो गवाह आवश्यक नहीं, अब रजिस्ट्री के लिए आधार कार्ड जरूरी होगा.
इंट्री टैक्स की रियायतों को अगले वित्तीय वर्ष में जारी रखा जाएगा.
पिछड़ा वर्ग के छात्रों को पहली से आठवीं तक मुफ्त शिक्षा दी जाएगी
सिंहस्थ के लिए बुलेट प्रूफ वाहन और बुलेट वाहन उपलब्ध कराए गए हैं.
कृषि विकास के लिए 2448 करोड़ रुपए का प्रावधान
मध्यप्रदेश में तीन लाख महिलाओं को दिया जाएगा इंटरनेट का प्रशिक्षण
शहरी स्वच्छता मिशन के लिए 525 करोड़ रुपए का प्रस्ताव
खरगोन और शिवपुरी के जिला अस्पतालों को अपग्रेड किया जाएगा.
मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर लेने वाले श्रमिकों को स्टांप शुल्क में छूट
लाडली लक्ष्मी योजना के लिए 903 करोड़ रुपए का बजट
50 हजारों युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा. मध्यप्रदेश में प्रत्येक जिले में दो नए कौशल प्रशिक्षण केंद्र -खोले जाएंगे.
अंतरजातीय विवाह के लिए प्रोत्साहन राशि 50 हजार से बढ़ाकर दो लाख रुपए करने का ऐलान
पिछड़े वर्ग के बेरोजगारों के लिए 20 करोड़ का प्रावधान
पर्यटन विकास के लिए 251 करोड़ का प्रावधान किया जाएगा
उच्च शिक्षा के लिए 616 करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है
प्रदेश में सात नए आईटीआई खोले जाएंगे, संभागीय स्तर पर 10 आईटीआई को अपग्रेड किया जाएगा
होशंगाबाद के पवारखेड़ा में नया कृषि कॉलेज,जहां से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले पौधे दिए जाएंगे.
केन-बेतवा लिंक परियोजना को मंजूरी
मध्यप्रदेश में 18 नयी मध्यम सिंचाई योजनाएं प्रस्तावित हैं.
प्रधानमंत्री कृषि योजना प्रदेश के सभी 51 जिलों में लागू होगी.
पशुपालकों को लोन देने की प्रकिया को आसान किया जाएगा.
मध्यप्रदेश में कामधेनु सेंटर खुलेंगे
इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में बनेंगे आईटी पार्क
विद्युत वितरण में होने वाली हानियों का पता लगाने के लिए विद्युत कंपनियों का ऑडिट किया जाएगा
राज्य के अधिकांश स्टेट हाई-वे का उन्नयन किया गया है, शेष सड़कों का पुनर्निमाण प्रस्तावित है..
किसानों के खाते में जल्द पहुंच जाएगी बीमा की राशि
कृषि मंडियों में ई-कॉमर्स को बढ़ावा दिया जाएगा.
फसल हानि की वजह से चार हजार करोड़ के दावे किए
जिसकी बीमा राशि का भुगतान किसानों को किया जाएगा
शिक्षा और स्वास्थ्य में निवेश की जरूरत
किसानों को नि:शुल्क मृदा परीक्षण कार्ड दिया जाएगा.
मध्यप्रदेश में राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण हुआ है
राज्य पर कर्ज का भार आधा हो गया है.
निवेश कम होने से विश्व व्यापार पर असर पड़ा है
केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी 32 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 की गई है.
इंफ्रास्ट्रक्चर में निजी निवेश में कमी, जिससे विकास उत्साहवर्धक नहीं हुआ
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि, मध्यप्रदेश में NPA बढ़ रहा है
जमीन अधिग्रहण की वजह से कई योजनाओं में देरी हुई है
मैन्युफैक्चरिंग में वृद्धि दर प्रभावित हुई है.
इंटरनेशनल अर्थव्यवस्था का प्रभाव प्रदेश के खनन राजस्व पर पड़ा है.
प्लास्टिक पाइप के इस्तेमाल से पानी की बर्बादी रुकी है. कृषि क्षेत्र के विकास में सिंचाई की भूमिका अहम है.
नर्मदा-क्षिप्रा लिंक परियोजना से सिंहस्थ में पानी की कमी नहीं होगी-
टाइगर रिजर्व क्षेत्र के बफर जोन में भी पर्यटन गतिविधियां शुरू की गई हैं. इसके उत्साहवर्धन नतीजे सामने आए हैं.
पीथमपुर में पानी के लिए 300 करोड़ का आवंटन हुआ.
पर्यटन विकास के लिए राज्य सरकार खुद राशि उपलब्ध करा रही है.