किसान बिल पर राज्यसभा से निलंबित सांसदों ने किया सदन छोड़ने से इनकार

नई दिल्ली। किसान बिल को लेकर राज्यसभा में रविवार को हुए घमासान के चलते तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ’ब्रायन सहित आठ विपक्षी सांसदों को सोमवार को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित सांसदों ने सदन छोड़ने से इनकार कर दिया है। सरकार की ओर से विपक्षी सांसदों को निलंबित करने के लिए प्रस्ताव पेश किया गया था। जिन सांसदों को सस्पेंड किया गया है, उनमें टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन, संजय सिंह, डोला सेन, राजीव साटव समेत अन्य शामिल हैं।

राज्यसभा के सभापति ने कहा कि मुझे उससे दुख हुआ, जो कल यहां हुआ। यह राज्यसभा के लिए बुरा दिन था। कुछ सदस्यों ने उपसभापति पर कागज उछाले. उपसभापति के मुताबिक, उनके लिए गलत शब्द भी निकाले गए। नायडू ने कहा कि सदन में माइक को तोड़ना अस्वीकार्य और निंदनीय है।

इससे पहले, सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली थी कि सरकार राज्यासभा में हंगामा करने वाले सांसदों के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव ला सकती है। कहा गया था कि नियम 256 के तहत सांसदों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

बता दें कि रविवार को विपक्ष के कई सांसदों ने सदन में जमकर हंगामा किया था. संजय सिंह और राजीव साटव महासचिव के सामने टेबल पर चढ़ गए थे। वहीं तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने आसन के सामने रूल बुक लहराई थी। कुछ सांसदों ने आसन पर लगा माइक तोड़ दिया था। कई अन्य सांसदों ने किसान बिल की कॉपी फाड़ कर बिखेर दी थी।