स्कूल प्राचार्य की हत्या या आत्महत्या एक बड़ा सवाल

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जबलपुर@ मझगंवा के एक निजी स्कूल बैकुंठ विहार स्कूल के संचालक 52 वर्षीय हेमंद्र कुमार पाठक का शव मंगलवार को उनके ही स्कूल के बरामदे में लटका मिला। स्कूल के स्टाफ ने उन्हें फांसी पर लटकते देखा और घरवालों को सूचना दी। हेमंद्र कुमार पाठक खुद ही स्कूल के प्राचार्य भी थे। उनका दोनों हाथ जीआई तार से पीछे बंधा था। हालांकि शार्ट पीएम में हैगिंग आया है। उनके पास से कुल 10 पेज का सुसाइड नोट मिला।पुलिस को भी यह मामला प्रारंभिक तौर पर आत्महत्या का प्रतीत नहीं हो रहा है। घटना स्थल में मिले साक्ष्य और ससुाईड नोट पर लिखी बातों लेकर पुलिस इस मामलें को हत्या के हिसाब से जोड रही है। पुलिस का मानना है कि एसएफएल और हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि संचालक ने आत्महत्या की है या फिर किसी ने हत्या की है।

फांसी पर लटके मिले शिक्षक का हांथ पीछे से बंधा होना और उसके पास से मिले सुसाईड नोट में आत्महत्या का स्पष्ट कारण न लिखा होना स्थानीय लोगों के साथ पुलिस को भी आशंका है और पुलिस भी मामले की असलियत को खंगालने की कोशिश कर रही है। अब तक यह भी समझ नहीं आ रहा कि फांसी पर लटके शिक्षक ने हाथ बांधने के लिये जीआई तार का इस्तेमाल ही क्यों किया। जबकि हांथ बांधने के लिये स्कूल में अन्य संसांधन भी मौजूद होते हैं, जो शिक्षक को आसानी से मिल जाते।घटना स्थल पर पहुंचे लोगों में ये हैरानी देखी गई कि दोनों हांथ को स्वंय से बांधना कठिन होता है फिर शिक्षक ने पीछे हांथ करके उसे किस प्रकार बांध लिया यह भी समक्ष से परे है।

हेमंद्र पाठक की पत्नी उत्तरा पाठक भी इसी परिसर में संचालित दूसरे संस्थान की प्रिंसिपल हैं। उनका 19 साल का बेटा व 17 साल की बेटी भी है। सुसाइड नोट में उन्होंने पत्नी व बच्चों को संस्था को बंद करने के लिए लिखा है। वहीं पुलिस को लिखे सुसाइड नोट में अपनी मर्जी से आत्महत्या करना लिखा है। साथ ही लिखा है कि इसके लिए किसी को परेशान किया जाए। मेरे साथी अध्यापक बहुत अच्छे थे। एक पत्र शिक्षा विभाग के अधिकारी को लिखा है। जिसमें समिति के गठन में नियमों का पालन न किए जाने का हवाला देते हुए इसे निरस्त करने के लिए लिखा है।