नर्मदा क्लब में आर्मी द्वारा गेट लगाए जाने का मामला गरमाया

जबलपुर@ केंटोन्मेंट एरिया के अन्तर्गत नर्मदा क्लब परिसर में आर्मी अपना गेट लगाने के लिए अड़ गई है। लिहाजा एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है कि क्या सैन्य प्रशासन अब नर्मदा क्लब को लेकर सख्त कदम उठने की तैयारी कर रहा है। नर्मदा क्लब में आर्मी द्वारा गेट लगाए जाने के मामले में एक कमेटी का गठन किया गया था। सूत्रों की मानें तो सैन्य प्रशासन गेट मामले में गठित कमेटी की बैठक जल्द से जल्द बुलाने केंट बोर्ड पर दबाव बना रहा है। गौरतलब है कि नवम्बर 2016 में आर्मी द्वारा नर्मदा क्लब के शुक्ला कम्पाउंड की ओर मुख्य मार्ग पर खुलने वाले गेट के आगे गेट लगा रही थी, लेकिन स्थानीय लोगों और बोर्ड मेंबर्स के विरोध के चलते काम रोक दिया गया था।

वहीं इस मामले में एक कमेटी का गठन किया गया था। जिसमें आर्मी स्टेशन सेल कमांडर, एडम कमांडर,सीईओ,डीईओ और केंट बोर्ड उपाध्यक्ष को बतौर मेंबर रखा गया है। सूत्रों की मानें तो सैन्य प्रशासन नर्मदा क्लब की भूमि वापस लेने पर भी विचार कर रहा है। अंग्रेजों के शासन काल में सन 1889 में स्थापित नर्मदा क्लब औपचारिक रूप से 1904 में पंजीकृत किया गया था। सैन्य प्रशासन ने क्लब को 14.63 एकड़ जमीन लीज पर दी थी।नर्मदा क्लब में आर्मी गेट लगने के बाद हालात रिज रोड़ जैसे बन जाएंगे। उक्त रोड़ खुली तो सबके लिए है लेकिन जाता वही है जिसे आर्मी चाहती है। स्वाभाविक बात है कि नर्मदा क्लब में गेट लगाने के बाद आर्मी अपने जवानों को तैनात भी करेगी। जिससे बिना उनकी अनुमति के अंदर जाना मुश्किल हो जाएगा